झज्जर। महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र रईया झज्जर में कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा के नेतृत्व में बागवानी फसलों की उत्पादन तकनीक पर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के गांवों के लगभग 60 किसानों ने भाग लिया।
शिविर एमएचयू के अनुसंधान निदेशक डाॅ. रमेश कुमार गोयल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता के तौर पर जिला उद्यान अधिकारी झज्जर डॉ. राजेंद्र लाठर ने किसानों को बागवानी की योजनाओं की जानकारी दी। केंद्र प्रभारी डॉ. सतपाल यादव ने किसानों से अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा एमएचयू के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के साथ जुड़ें। संस्थान की ओर से मिलने वाली सुविधाओं को लाभ उठाएं ताकि किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकें।
उन्होंने कहा कि किसान फसल विविधिकरण की ओर अग्रसर हों। बागवानी फसलें काफी मूल्यवान होती हैं। किसानों तक नवीनतम तकनीक पहुंचाने के लिए संस्थान तेजी से काम कर रहा है। किसानों को बरसाती मौसम में फसल उत्पादन व सर्दियों में बिजाई की जाने वाली फसल की तैयारी किस प्रकार करें, इस बारे में बताया गया। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों के किसानों के लिए महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल वरदान साबित होगी। किसानों को उन्नत किस्मों का बीज, नवीनतम जानकारियां के साथ साथ प्लांट प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
किसान स्वयं आकर प्लांट प्रदर्शनी देखकर वैज्ञानिकों से बागवानी फसलों के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर सकेंगे। चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि विज्ञान केंद्र झज्जर के डाॅ. देशराज चौधरी ने किसानों को जुलाई, अगस्त में बोई जाने वाली सब्जियों तथा रबी सीजन की सब्जियों के बारे में बताया। फल सब्जी विशेषज्ञ डॉ. शहरून खान ने किसानों को बाग लगाने की तैयारी, सावधानियां एवं प्रबंधन के बारे में बताया। मृदा विभाग की डॉ. सोनिया ने किसानों को फसल उत्पादन में मिट्टी व पानी की जांच के महत्व के बारे में बताया।