शिक्षा विभाग के वोकेशनल और व्यावसायिक शिक्षा स्टाफ को आईटीआई विभाग में अस्थाई रूप से मर्ज करने पर कर्मचारियों में तन गई है।
आईटीआई विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि शिक्षा विभाग के ये कर्मचारी आईटीआई कैडर की योग्यता नहीं रखते हैं। इन्हें तुरंत प्रभाव से वापस शिक्षा विभाग में भेजा जाए।
अगर सरकार ने ऐसा नहीं किया तो आईटीआई के कर्मचारी प्रदेशभर में आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
शनिवार को दोपहर 12 बजे, सेक्टर-5 स्थित राजकीय मॉडल औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में हरियाणा राज्य औद्योगिक प्रशिक्षण तकनीकी कर्मचारी कल्याण संघ की बैठक हुई।
जिसमें राज्य कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी एकत्रित हुए। इस सभा की अध्यक्षता करते हुए संघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण देशवाल ने बताया कि तत्कालीन व्यवसायिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को आईटीआई विभाग में अस्थाई तौर पर रखना ठीक नहीं है।
इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले प्रदेश के कर्मचारियों और जनता से खूब सारे वादे किये थे, जो खोखले साबित हुए हैं। उनकी मांग है कि आईटीआई अनुदेशकों को बिना किसी देरी के पंजाब के समान वेतन दिया जाए।
साथ ही, सभी अनुदेशकों को पद संज्ञा ट्रेनिंग ऑफिसर की जाए। इसी के साथ प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य के पद 100 प्रतिशत पदोन्नति के साथ भरे जाएं। इस अवसर पर विनोद शेखावत, अशोक शर्मा, रामकुमार विधान, देव किशन तक्षक, शीशपाल, विजय कुमार, मुकेश नेहरा मौजूद रहे।