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विश्वविद्यालयों के गैर शिक्षक कर्मचारियों को झटका, 8 हजार तक वेतन होगा कम

Fri, 19 Aug 2016 02:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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एमडीयू - फोटो : file photo
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त्योहारी सीजन में उच्च शिक्षा निदेशालय ने ग्रेड पे कम करने के आदेश देते हुए विश्वविद्यालयों के गैर शिक्षक कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। निदेशालय ने सहायक कर्मचारियों का ग्रेड पे 3600 से कम कर 3200 करने के लिए विवि प्रशासन को पत्र जारी किया है। वहीं, इसके खिलाफ केयू और एमडीयू के कर्मचारियों ने भी बिगुल बजा दिया है। अगर ये आदेश लागू हो गए तो सहायक कर्मचारियों को मासिक वेतन में दो हजार से आठ हजार रुपये का नुकसान होगा। कर्मचारियों का कहना है कि हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है और प्रदेश सरकार और विवि प्रशासन को छह माह का नोटिस दिया है। इसके बावजूद निदेशालय ने ग्रेड पे कम करने के आदेश दिए हैं, जो कि कोर्ट की अवमानना होगी।
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सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश सरकार ने 1-1-2006 में विवि के सहायक कर्मचारियों का वेतन 3600 से 3200 पे ग्रेड करने का फैसला लिया था। इस फैसले के पीछे मुख्य वजह विवि के सहायकों का वेतन सचिवालय के सहायकों के बराबर न करके प्रदेश के अन्य विभागों के बराबर करना था। इस फैसले के खिलाफ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और एमडीयू विश्वविद्यालय के सभी गैर शिक्षक कर्मचारी खड़ हो गए और हाईकोर्ट में केस डाला। हाईकोर्ट में लंबे समय से चल रहे इस केस की सुनवाई 29 जुलाई को हुई। दावा है कि इसमें सहायक कर्मचारियों के हक में ही फैसला आया कि जब राज्यपाल कमेटी ने वेतन बढ़ा दिया है तो इसे कम न किया जाए। इसके लिए प्रदेश सरकार और दोनों विवि के प्रशासन को जवाब देने के लिए छह माह का नोटिस दिया गया। अब इसकी अगली सुनवाई सितंबर में होगी।


29 साल पहले राज्यपाल की कमेटी में वेतन बढ़ाने का हुआ फैसला

एमडीयू के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान रणधीर सिंह कटारिया ने बताया कि वर्ष 1987 में राज्यपाल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी थी। इस कमेटी में विवि के सहायकों को क्लास वन मानते हुए ग्रेड पे 3200 से बढ़ाकर 3600 रुपये करने का निर्णय लिया गया। ऐसा सिर्फ इसलिए किया गया कि विवि के सहायक कर्मचारियों को सचिवालय के सहायक कर्मचारियों के बराबर वेतनमान मिल सके। उन्हें प्रदेश के अन्य विभागों के सहायकों के बराबर वेतन न मिले। कटारिया ने बताया कि अगर ऐसा होता है तो कुरुक्षेत्र और एमडीयू विश्वविद्यालय में 30 साल से काम कर रहे करीब 150 कर्मचारियों का आर्थिक नुकसान होगा।
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आदेशों का किया पालन

सरकार के आदेशों का पालन किया गया है। इस फैसले पर आगामी समय में जो भी प्रक्रियाएं चलेगी और आदेश आएंगे। उन्हें पूरा किया जाएगा।
- प्रो. बीके पूनिया, कुलपति, एमडीयू।
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