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एमडीयू में इनसो कार्यकर्ताओं ने काटा बवाल, अधिकारियों के साथ नोकझोंक

Thu, 25 Aug 2016 02:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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प्रशासनिक भवन में किया प्रदर्शन, कामकाज करवाया बंद - फोटो : amar ujala
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एमडीयू में विभिन्न मांगों को लेकर इनसो कार्यकर्ताओं ने बुधवार को बवाल काटा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक भवन की सभी शाखाओं का काम बंद करा दिया। आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी भाजपा और आरएसएस के हाथों की कठपुतली बनकर कार्य कर रहे हैं।
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इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देसवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कुलपति और रजिस्ट्रार कार्यालय का घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने सभी शाखाओं का कार्य बंद करा दिया, जिससे कर्मचारी भी बाहर निकलकर आ गए। देसवाल ने आरोप लगाया कि वीसी और रजिस्ट्रार राजनैतिक द्वेष भावना से छात्र संघ की मांगों को काफी समय से अनदेखा कर रहे हैं। छात्रों की समस्याओं को लेकर कोई गंभीर नहीं है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की रजिस्ट्रार जितेंद्र भारद्वाज के साथ नोकझोंक भी हुई। इनसो प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नोकझोंक के दौरान रजिस्ट्रार ने खुद को आरएसएस और भाजपा का कार्यकर्ता पहले बताया और फिर रजिस्ट्रार बताया। यह सरासर गलत है। कार्यकर्ताओं का बवाल बढ़ता देख पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। आखिर में वीसी प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया ने कार्यकर्ताओं को समझाया और आश्वासन देकर शांत किया। इसके बाद ही सभी शाखाओं का कार्य शुरू हो पाया। हंगामा करने वालों में एमडीयू अध्यक्ष रामवीर बडाला, प्रभारी अरविंद गोस्वामी, रवि रेढू, भीष्म दहिया, अभिषेक देसवाल, दीपक मलिक, दिनेश पंवार, प्रदीप शर्मा, दिनेश सहरावत और नीरज मौजूद रहे।

यह थी कार्यकर्ताओं की मांग
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राजनैतिक द्वेष भावना के कारण यूनिवर्सिटी से पहले बीएड और अब इंजीनियरिंग कॉलेज छीन लिए गए। अब यूनिवर्सिटी की बेशकीमती जमीन देने की तैयारी चल रही है। एमडीयू को भाजपा सरकार लूट रही है। सीटें कम होने के कारण योग्य छात्रों को दाखिला नहीं मिल राहा। हॉस्टल आवंटन में भी धांधली की जा रही है। छात्रों के लिए मर्सी चांस व स्पेशल चांस देकर परीक्षा कराई जाए। छात्रों को अपनी समस्याएं बताने के लिए वीसी प्रतिदिन अलग से समय दें और शादीशुदा छात्राओं को मातृत्व अवकाश का अधिकार मिलना चाहिए।
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