फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमडीयू वीसी ऑफिस में इनसो राज, एक-एक कर्मी को निकाला बाहर

Fri, 02 Oct 2015 02:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
विज्ञापन
एमडीयू में वीसी और रजिस्ट्रार की गैर मौजूदगी और छात्रों की समस्या को लेकर बृहस्पतिवार को हंगामा हो गया।
विज्ञापन



इनसो ने वीसी सचिवालय पर कब्जा कर लिया और एक-एक कर्मचारी को बाहर निकाल दिया। दो दिन पहले इनसो कार्यकर्ताओं ने वीसी और रजिस्ट्रार ऑफिस का फर्नीचर बाहर कर छात्र दरबार लगाया था।

इस बार विवि सचिवालय में संचालित सभी विभागों को बंद करा दिया गया। डीएसपी अमित कुमार और एसडीएम दलबीर फौगाट को मोर्चा संभालना पड़ा।

दोनों अधिकारियों के आश्वासन पर छात्रों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो वित्त मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा। इनसो (इंडियन नेशनल स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन) प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल के मुताबिक यूनिवर्सिटी में स्थायी वीसी नहीं होने से विद्यार्थियों को खासी परेशानी हो रही है। दूसरी तरफ रजिस्ट्रार भी अपने दफ्तर में नहीं होते हैं।
विज्ञापन

सभी ब्रांच कराई बंद
इनसो कार्यकर्ताओं ने पहले यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जब पता चला कि कुलपति सुधीर राजपाल और रजिस्ट्रार एसपी वत्स दोनों ही विवि से बाहर हैं तो छात्रों का गुस्सा भड़क गया।
विज्ञापन


छात्रों ने रजिस्ट्रेशन ब्रांच, कॉलेज ब्रांच, अकाउंट ब्रांच, एकेडिमक ब्रांच सहित सभी ब्रांच में काम कर रहे कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। हंगामे की सूचना पर पीजीआई थाना एसएचओ कुलदीप पुलिसकर्मियों केसाथ मौके पर पहुंचे। मामला बढ़ता देख एसडीएम दलबीर सिंह और डीएसपी अमित भाटिया को मोर्चा संभालना पड़ा। इस पर कार्यकर्ता कार्यालय के मेन गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। यहां एसडीएम ने मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में एमडीयू अध्यक्ष रामबीर बडाला, प्रभारी अरविंद गोस्वामी, रवि रेढू, दिनेश पवार, सीना पहलवान व सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इनसो की आठ सूत्रीय मांगें
1. स्थायी कुलपति लगाया जाए।
2. रजिस्ट्रार डॉ. एसपी वत्स को तुरंत हटाया जाए और घोटालों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
3. कांग्रेस सरकार के दौरान हुए सभी घोटालों की जांच कराई जाए।
4. विधि विभाग में दाखिले के लिए सीट बढ़ाई जाएं।
5. एमडीयू में स्थायी शिक्षकों की भर्ती की जाए और शिक्षकों के लिए हाजिरी रजिस्टर लागू किए जाएं।
6. छात्रों की सभी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए।
7.  रिसर्च स्कॉलर्स को बिना वेतन के जबरदस्ती पढ़ाने के लिए मजबूर न किया जाए।
8.  माइग्रेशन फीस को कम किया जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें