रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति एवं कर्मचारियों की अन्य मांगों को लेकर वीरवार को प्रशासनिक भवन के बाहर आम सभा हुई। यहां कर्मचारियों ने सरकार से विवि को शत प्रतिशत अनुदान दिए जाने की मांग की। साथ ही खाते में वेतन नहीं आने तक विरोधस्वरूप काम बंद रखकर हड़ताल करने का फैसला लिया है। इधर, गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान राजकुमार शर्मा ने हड़ताल से इनकार किया है।
वीरवार को एमडीयू के गैर शिक्षक कर्मचारी प्रशासनिक भवन के बाहर इकट्ठा हुए। यहां संघ प्रधान की मौजूदगी में आम सभा शुरू हुई। बैठक में एमडीयू को अनुदान नहीं दिए जाने पर चर्चा करते हुए सरकार से जारी 25 प्रतिशत अनुदान को नाकाफी बताया गया। शेष 75 प्रतिशत अनुदान भी शीघ्र जारी करने की आवश्यकता जताई गई। अनुदान राशि नहीं मिलने तक हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया गया।
शिक्षक संघ के प्रधान विकास सिवाच ने कहा कि सरकार ने विश्वविद्यालय में शत प्रतिशत अनुदान राशि नहीं दी है। शत प्रतिशत राशि पहुंचने तक ही हड़ताल समाप्त हागी। विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति बड़ी नाजुक है। अब तक कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिला है।
पूर्व प्रधान रणधीर कटारिया ने कहा कि पहले विश्वविद्यालय को सरकार समय पर अनुदान उपलब्ध कराए, ताकि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके। मकान पर लगे पैनल रेट को विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत वापस ले, सामुदायिक केंद्र के बढ़े चार्ज वापस लेने, फैकल्टी हाउस पर लगी पाबंदी वापस लेने, बिना किसी कारण बताए निलंबित किए गए कर्मचारियों को बहाल आदि की मांगें रखी गई। इसके अलावा डीपीसी की बैठक तुरंत कराने, जिन कर्मचारियों की पदोन्नति विश्वविद्यालय के कारण लेट हुई है, उन्हें बकाया तिथि से यह लाभ मिले। विश्वविद्यालय में कर्मचारियों ने कलम छोड़ हड़ताल कर अपना विरोध जताया। इधर, कर्मचारियों की हड़ताल के चलते विद्यार्थियों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए भटकते रहना पड़ा। कर्मचारियों ने दाखिला संबंधी कार्य जारी रखा। स्वीमिंग पूल की अनुमति व अन्य कार्यों के लिए विद्यार्थी इधर-उधर भटकते रहे।
इस मौके पर महासचिव अजमेर सिंह, कोषाध्यक्ष हरदीप हुड्डा, सह सचिव वरुण सैनी, पूर्व प्रधान रणधीर कटारिया, जय बाग मलिक, फूल कुमार बोहत, पूर्व सचिव सुरेश कौशिक, रविंद्र लोहिया, विकास अहलावत समेत अन्य कर्मचारियों ने भी अपने विचार रखे।
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प्रधान के बीच में मीटिंग छोड़ने पर संघ ने की निंदा
गैर शिक्षक संघ के प्रधान राजकुमार शर्मा द्वारा गेट मीटिंग बीच में छोड़कर चले जाने व कर्मचारी विरोधी कार्रवाई में शामिल होने के कारण सभी ने उनकी निंदा की। साथ ही प्रधान को लेकर शुक्रवार सुबह फिर से गेट मीटिंग होगी। यहां विचार विमर्श के बाद अगला फैसला लिया जाएगा।
वर्जन
मेरी तरफ से वीरवार व शुक्रवार को कोई हड़ताल नहीं है। अनुदान नहीं आने तक विरोध था। अनुदान राशि आने के बाद विरोध का मतलब ही नहीं बनता है। कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए कुछ कर रहे हाें तो पता नहीं।
-राजकुमार शर्मा, प्रधान, गैर शिक्षक कर्मचारी संघ।