रोहतक। एमडीयू के शारीरिक शिक्षा विभाग के एक प्रोफेसर की डिग्री को लेकर उठे विवाद में शनिवार को हाईकोर्ट में केस की सुनवाई होनी है। यहां एमडीयू प्रशासन को अपना पक्ष रखना है। इससे एक दिन पूर्व शुक्रवार को एमडीयू प्रशासन ने आनन-फानन ईसी (कार्यकारी परिषद) की बैठक बुलाकर संंबंधित प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री की वैधता पर कदम पीछे खींच लिए हैं। जानकारों का मानना है कि विवि अब प्रोफेसर को दिए गए पदोन्नति लाभ भी वापस लेने की तैयारी में है।
एमडीयू में शुक्रवार को ईसी की बैठक बुलाई गई। यहां कुलपति प्रो. राजबीर सिंह की अध्यक्षता में प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री का एजेंडा चर्चा के लिए रखा गया। ईसी सदस्यों ने अदालत के फैसले के अनुसार डिग्री की वैधता पर कदम खींच लिए। ईसी के फैसले पर अमल से शिक्षक के लिए प्रोफेसर पद की अनिवार्यता पूरी करना मुश्किल हो जाएगा। साथ ही, ईसी की बैठक में शिक्षक को प्रोफेसर पद पर पदोन्नति के लिए दिए गए सभी लाभ भी वापस लेने पर सहमति जताई।
आज अदालत में होना है पेश
एमडीयू प्रशासन को शनिवार सुबह हाईकोर्ट में जवाब देना है। वहां अवमानना मामले में सुनवाई होगी। शिक्षक की पीएचडी डिग्री मामले में वीरवार को सुनवाई हुई थी। इसमें विवि कुलसचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए। यहां उन्होंने एक दिन का समय मांगा था। इसके चलते अदालत ने 5 अप्रैल को केस सुनवाई के लिए रखा है।
यह है मामला
एमडीयू के शारीरिक शिक्षा विभाग में करीब 13 वर्ष पहले एक शिक्षक ने अपनी पीएचडी डिग्री देकर प्रोफेसर पद की दावेदारी जताई थी। यह डिग्री सीएमजे विवि शिलांग से हासिल की गई थी। विवि प्रशासन ने यह डिग्री स्वीकार करते हुए शिक्षक को प्रोफेसर पदोन्नत कर दिया। इस मामले में विभाग के ही एक शिक्षक ने कोर्ट में याचिका दायर की। इसके तहत डिग्री को गलत ठहराने का दावा किया गया। कोर्ट के फैसले के बावजूद विवि प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते शिक्षक ने अदालत की अवमानना का केस कर दिया। अब इस केस में फैसला आना है। इसके लिए अदालत ने विवि के उठाए कदम की जानकारी के लिए कुलसचिव को पेश होने के लिए कहा। यहां विवि को अपना पक्ष रखना है। इसके लिए शनिवार को केस सुनवाई के लिए रखा गया है।
वर्जन
कोर्ट या ईसी की बैठक में हुए फैसले की जानकारी नहीं है। पिछले 13 साल से डिग्री को लेकर शिकायतबाजी चल रही है। डिग्री सही है। विवि प्रशासन भी जांच करा चुका है। कोई बदनाम करने के नीयत से ऐसा कर रहा है।
- प्रो. कुलताज सिंह, शारीरिक शिक्षा विभाग, एमडीयू।
वर्जन
एमडीयू की ईसी की बैठक में प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री का केस चर्चा के लिए रखा गया। विवि प्रशासन ने डिग्री के संबंध में अदालत के पूर्व के निर्देशों को लागू कर दिया है। शनिवार को अदालत में विवि का पक्ष रखा जाएगा।
- डॉ. कृष्णकांत, कुलसचिव, एमडीयू।