एमडीयू व हरियाणा पुलिस की परीक्षा एक साथ होने से उम्मीदवार असमंजस में हैं। ये दोनों परीक्षाएं सात व आठ अगस्त होनी है। इसके चलते विद्यार्थियों ने एमडीयू कुलसचिव प्रो. गुलशन तनेजा को पांच सूत्री मांग पत्र सौंपकर प्रायोगिक परीक्षा रद्द करने की मांग की है। छात्र दीपक धनखड़ का कहना है कि विवि में प्रायोगिक व अन्य परीक्षाएं सात व आठ अगस्त को होनी है। इन्हीं दो दिन हरियाणा पुलिस की भी परीक्षा होनी है। जबकि विद्यार्थियों ने दोनों के लिए आवेदन किया है। परीक्षा तिथि समान दिवस पर होने से विद्यार्थियों के लिए एक परीक्षा में जाने का फैसला लेना मुश्किल हो गया है।
एमडीयू प्रशासन सात व आठ अगस्त की परीक्षा, प्रायोगिक तिथि बदलने के साथ मर्सी चांस के फार्म निकाले जाने, कोरोना काल में छात्रावास बंद होने के चलते विद्यार्थियों को फीस वापस देने की पहल करे। विवि के जिन विद्यार्थियों के माता या पिता का कोरोना की वजह से निधन हुआ है, उनकी पूरी फीस उनकी पढ़ाई होने तक माफ करने, ऑनलाइन परीक्षा से एक दिन पहले काटे गए बीटेक के विद्यार्थियों के नाम को दुरुस्त करते हुए दोबारा ऑनलाइन परीक्षा सूची में जोड़ा जाए। पिछले कुछ समय से विश्वविद्यालय ने ऐसे फैसले लिए हैं जिनसे विद्यार्थी परेशान हैं। कोरोना काल में विद्यार्थियों की अच्छे से पढ़ाई नहीं हो पाई। वहीं उन पर परीक्षाओं के लिए मनचाहा विकल्प थोपा जा रहा है। राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय की छात्र संघ अध्यक्ष दिव्या गुलिया ने कहा कि ए प्लस विश्वविद्यालय के कॉलेजों के पास ऑनलाइन परीक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है तो यह चिंतन का विषय है। जबकि बाकी सभी विश्वविद्यालयों के पास संसाधन हैं। इसी प्रकार इस बार मार्च-अप्रैल में हुई परीक्षाओं का परिणाम भी गलत तरीके से जारी किया गया। टॉपर विद्यार्थियों को भी री-अपीयर दिखाया गया है। एमडीयू प्रशासन को विद्यार्थियों की आवाज पर अमल करना चाहिए। विद्यार्थियों की वजह से ही विवि चल रहा है। इस मौके पर नेकीराम कॉलेज छात्र संघ की अध्यक्ष सपना, सुदेश, नैंसी व अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे।