फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमडीयू ने बीते साल पाई अनेक उपलब्धियां

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। एमडीयू का नाम साल भर चर्चाओं में रहा। कभी खेल तो कभी शिक्षा क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए। इस बार विवि की सबसे बड़ी उपलब्धि नेक से एक प्लस ग्रेड मिलना रही। इस उपलब्धि ने विवि को प्रदेश ही नहीं, देश के नामी विवि की सूची में शामिल कर दिया। स्वच्छता रैंकिंग में देश में अव्वल रहे इस विवि में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के साथ शोध के क्षेत्र में भी बड़ा कदम बढ़ाया है। इसी कड़ी में विभिन्न विभागों की लैब एक छत के लिए नीचे लाई गई हैं। सीआईएल आर्य भट्ट लैब ने इधर-उधर बिखरी लैब को एक जगह लाकर विद्यार्थियों की परेशानी दूर करने का काम किया है।
विज्ञापन

पालीथिन मुक्त कैंपस विवि का बड़ा कदम
एमडीयू प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण की ओर बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत कैंपस को पालीथिन मुक्त बनाने की मुहिम शुरू की गई है। इसी कड़ी में कैंपस में पालीथिन के इस्तेमाल को कम करने पर जोर दिया जा रहा है। एक बार इस्तेमाल होने वाली पालीथिन कैंपस की कैंटीन से भी हटवाई गई हैं।
विवि को मिला फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर
कैंपस में इस वर्ष फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर की सुविधा शुरू हुई है। एमएचआरडी से मिले इस अवॉर्ड के तहत शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। नए शिक्षकों को उनके कार्य में दक्ष बनाने के लिए यहां कार्यशाला लगाई जा रही है। इसके अलावा इस सेंटर के लिए अलग भवन भी बनाया जाना है।
विज्ञापन

विवि ने साइन किए छह एमओयू
मेमोरेंडम आफ अंडरटेकिंग (एमओयू) इस वर्ष खास रहे। एमडीयू ने विभिन्न संस्थाओं से छह एमओयू साइन किए हैं। इसके तहत इंडियन एजूकेशन इंडस्ट्री, एयर फोर्स, फोरेंसिक साइंस लैब एमओयू मुख्य हैं। इससे न केवल विद्यार्थी, बल्कि विवि से जुड़े संस्थानों को भी लाभ होगा।
राष्ट्रीय संस्थानों में मिला 90वां रैंक
एमडीयू को इस बार नेशनल इंस्टीट्यूट आफ रैंकिंग फ्रेम वर्क में 90वां रैंक मिला है। यह विवि के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही फार्मास्युटिकल विभाग को भी 32वां रैंक मिला है। विभाग की सुविधा, शैक्षणिक व्यवस्था व उपलब्धियों के चलते यह स्थान मिला। यही नहीं एक मैगजीन की सर्वे में भी विवि को देश में 54वां रैंक मिला है।
अब इंडस्ट्री से भी फैकल्टी लेगा विवि
एमडीयू ने अपने शैक्षणिक कार्यक्रम को विस्तार देते हुए पहली बार नई व्यवस्था शुरू की है। एडजंक फैकल्टी के तहत पहली बार इंडस्ट्री से फैकल्टी लेने की योजना को मूर्त रूप दिया गया है। इसके तहत दो एडजंक फैकल्टी ले ली गई है। विवि तीन फैकल्टी का भी जल्द ही चयन करेगा।
विवि ने 4 माह में पूरा किया कंसलटेंसी प्रोजेक्ट
एमडीयू को इस बार कंसलटेंसी प्रोजेक्ट मिला। इसे विवि ने चार महीने में ही पूरा कर लिया। इसके तहत उत्तर व दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम के टेक्निकल व कॉमर्शियल ऑडिट किया गया है। इसके अलावा कैंपस में पांच ज्ञान कार्यक्रम भी कराए गए हैं। यहां फैकल्टी आफ इंट्रा डिसिप्लीनरी स्टडी की भी स्थापना की गई है।
एमएचआरडी से मिला स्ट्राइड अवॉर्ड
एमडीयू को इस वर्ष एमएचआरडी से स्ट्राइड अवॉर्ड मिला है। यह उत्तर भारत का पहला रिसर्च प्रोजेक्ट है। इसके तहत शोध किए जाएंगे। इससे शोध को गति मिलेगी। इसके अलावा यूजीसी से विवि को महर्षि दयानंद के नाम से चेयर भी मिली है। इसके तहत भी शोध हो सकेगा। रूसा के तहत विवि को 50 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलनी तय हुई है। विवि में पहली बार नए सत्र में विद्यार्थियों व फैकल्टी के इंडक्शन कार्यक्रम हुए हैं।
नए वर्ष में रखेंगे बरकरार
एमडीयू ने नेक से ए प्लस ग्रेड समेत इस साल अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। विवि का रैंक हो या सीआईएल आर्य भट्ट सरीखी आधुनिक लैब की सुविधा। विवि ने खेल, शिक्षा, शोध, ढांचागत हर क्षेत्र में नाम कमाया है। इसे नए वर्ष में भी बरकरार रखा जाएगा।
-प्रो. अजय कुमार राजन, डीन, एकेडमिक अफेयर्स, एमडीयू।
सामूहिक प्रयास करेंगे
एमडीयू ने साल भर में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। नए आयाम बनाने के साथ विवि आगे बढ़ा है। यह सिलसिला नव वर्ष में जारी रहेगा। इसके लिए पूरा विवि परिवार मिलकर प्रयास कर रहा है। इसका प्रमाण स्वच्छता रैंकिंग बनाए रखने के लिए किया जा रहा सामूहिक प्रयास है।
विज्ञापन

-प्रो. गुलशन लाल तनेजा, रजिस्ट्रार, एमडीयू।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें