मौके पर जांच करने पहुंची पुलिस । संवाद
शहर के सेक्टर दो स्थित एक मकान के बाथरूम में सोमवार को संदिग्ध हालात में मारुति कंपनी के इंजीनियर का शव पड़ा मिला। मृतक के गले में रुमाल बंधा था, लेकिन शरीर पर कहीं भी कोई चोट का निशान नहीं मिला है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, मौके से इंजीनियर का मोबाइल भी अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस को शक है कि वह वीडियो गेम पब्जी का कोई टास्क पूरा कर रहा था। इसमें असफल होने पर उसने जान दे दी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। उधर, परिजन भी मामले में कुछ भी कहने से कतराते रहे हैं। उन्होंने मौत के कारणों पर अनभिज्ञता जताई है।
पुलिस के मुताबिक सहारनपुर निवासी तुषार मेहता (28) मारुति-सुजुकी कंपनी में बतौर इंजीनियर तैनात थे। वह दो साल से सेक्टर-2 स्थित मकान में दोस्तों के साथ किराए पर कमरा लेकर रह रहे थे। कमरे पर पांच दोस्त रहते थे, जिनमें से तीन अपने घर गए हुए हैं, जबकि दो दोस्त रात को कमरे पर ही थे। सुबह करीब 10 बजे पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध हालात में सेक्टर 2 के एक मकान के बाथरूम में युवक का शव मिला है। बताया गया कि तुषार बाथरूम में गया था, लेकिन काफी देर बाद भी बाहर नहीं आया। बाद में मौके पर पहुंचे लोगों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो बाथरूम में तुषार का शव पड़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस दौरान उसके दोनों हाथ पीछे की तरफ थे, जबकि गले में रुमाल बंधा था। शरीर पर कहीं चोट का निशान नहीं था।
डीएसपी सज्जन सिंह व अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रहलाद सिंह मौके पर पहुंचे। सोनीपत से एफएसएल एक्सपर्ट को बुलाया गया। इसके बाद मामले की सूचना सहारनपुर में परिजनों को दी गई। सोमवार शाम को परिजन रोहतक पहुंच गए, लेकिन उन्होंने भी मौत के कारणों को लेकर अनभिज्ञता जाहिर की।
तुषार मेहता मारुति-सुजुकी कंपनी में दो साल से इंजीनियर के तौर कार्यरत था। सुबह करीब 10 बजे उसका शव सेक्टर 2 स्थित किराये के कमरे में बाथरूम के अंदर मिला। गले में रुमाल बंधा है, लेकिन शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं है। अब उसकी मौत कैसे हुई, यह तो पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगा। पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला है कि तुषार वीडियो गेम पब्जी खेलता था। शक है कि कहीं वह गेम का टास्क पूरा करते समय अपनी जान न गंवा बैठा हो।
-सज्जन सिंह, डीएसपी