रोहतक। चार साल पहले शहर के गांधी कैंप में दिनदहाड़े स्क्रैप व्यापारी विजय की हत्या के दोषियों को अदालत ने मंगलवार को उम्रकैद की सजा दी है। एएसजे रजनी यादव की अदालत ने दोषी बहादुरगढ़ के लाइनपार निवासी नीरज पर 1.55 लाख, पंजाब के अबोहर निवासी प्रिंस पर 1.45 लाख व रोहतक के कमला नगर निवासी अमन पर 1.25 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है। केस में छह आरोपियों को अदालत बरी कर चुकी है, जबकि एक आरोपी विशंभर की केस का फैसला आने से दो दिन पहले मौत हो गई थी।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक अक्तूबर 2020 को गांधी कैंप निवासी अजय ने आर्य नगर थाने में शिकायत दी थी कि वे तीन भाई हैं। बड़ा भाई संजय भूरा है, जबकि वह किराना की दुकान चलाता है। तीसरा भाई विजय स्क्रैप का बड़ा व्यापारी था। 12 अक्तूबर को करीब 11 बजे वह(अजय) दुकान पर बैठा था। तभी तीन युवक आए और उसे देखकर वापस चले गए। थोड़ी देर बाद दो युवक आए और एक ने नजदीक आकर उसके कनपटी पर पिस्तौल अड़ा दी। बोला, हिलना मत, नहीं तो छह की छह गोलियां उतार दूंगा। इसी बीच एक युवक ने नजदीक रखा बैग उठा लिया, जिसमें 2 लाख रुपये थे। कुछ पैसे गल्ले से निकाल लिए। दो मोबाइल फोन भी उठा लिए। उसी दौरान उसका भाई विजय आ गया। उसने एक युवक के कंधे पर हाथ रखकर पूछा, भाई क्या बात हो गई। इसके बाद युवक ने विजय के मत्थे में गोली मार दी। गोली लगते ही दोनों युवक हथियारों सहित गली में गए, जहां उनका साथी पहले से बाइक लेकर खड़ा था, फरार हो गए।। घायल विजय को परिजन पीजीआई ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कमला नगर निवासी अमन व पंजाब के अबोहर निवासी प्रिंस को पहले काबू किया गया था। दोनों आरोपियों की अदालत की अनुमति से शिनाख्त परेड हुई, जबकि तीसरा आरोपी बहादुरगढ़ निवासी नीरज बाद में हाथ आया। उसने शिनाख्त परेड करवाने से इनकार कर दिया था। 5 दिसंबर को कोर्ट ने तीनों को दोषी करार दिया था, जिनको कोर्ट ने सोमवार को सजा सुनाई है।
वारदात की साजिश में शामिल होने के तथ्य नहीं दे सकी पुलिस
पुलिस ने मामले में 11 आरोपियों को काबू किया था। सीसीटीवी कैमरे में कैद नीरज, अमन व प्रिंस को जहां दोषी करार दिया था, जबकि पुलिस एक आरोपी विशंबर की अदालत के निर्णय से दो दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो गई। खुद एसएचओ ने यह रिपोर्ट अदालत में दाखिल की। छह आरोपी अशोक, मनोज, रिंकू, अनुप, रवींद्र व सुनील को बरी कर दिया था। पुलिस व पीड़ित पक्ष बरी हुए आरोपियों के वारदात की साजिश में शामिल होने के पुख्ता सबूत नहीं दे सके थे।
अदालत के फैसले से संतुष्ट हैं, चार साल किया न्याय का इंतजार
अदालत में पहुंचे विजय के भाई संजय व अजय ने बताया कि उनका भाई विजय बड़ा स्क्रैप व्यापारी था। उसकी दो बेटियां हैं। परिवार ने चार साल न्याय का इंतजार किया है। पीड़ित पक्ष के वकील रमेश चंद्र अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने अदालत से दोषी नीरज के लिए फांसी की सजा मांगी थी, जिसने व्यापारी विजय के माथे में सीधी गोली मारी थी। हालांकि अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा दी है।
वीसी से पेश हुए दोषी, कोर्ट के बाहर पुलिस रही तैनात
सुबह अदालत में सजा पर बहस हुई। पीड़ित पक्ष ने जहां कड़ी सजा की मांग की, जबकि दोषी पक्ष ने रहम की अपील की। बहस के बाद अदालत ने दोपहर बाद साढ़े 3 बजे के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था। करीब चार बजे कोर्ट में दोबारा दोषियों की वीसी से पेशी हुई, जिसमें उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
यूं दी अदालत ने तीनों दोषियों को सजा
अदालत ने नीरज, प्रिंस व अमन को आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये जुर्माना, डकैती की धारा 396 के तहत उम्रकैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना, लूट की धारा 397 के तहत 10-10 साल कैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। नीरज को आईपीसी की धारा 412 के तहत 7 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, 201 के तहत 7 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। आर्म्ज एक्ट के तहत पांच साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।