माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। एमडीयू परिसर में चल रही इस्राइल भर्ती के लिए शनिवार को सैकड़ों युवक सुबह सात से दोपहर तीन बजे तक खड़े रहे। बाद में इस्राइल में सरकारी अवकाश के चलते भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं किए जाने की जानकारी पर बैरंग लौटना पड़ा। अवकाश के बावजूद 600 युवाओं का पंजीकरण किया गया। भर्ती प्रक्रिया के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 21 जनवरी को भर्ती का अंतिम दिन है। ऐसे में युवाओं में असमंजस की स्थिति बनी है। अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
भारत सरकार व इस्राइल के बीच हुए करार के तहत देश से करीब 10 हजार श्रमिक भर्ती किए जाने हैं। हरियाणा कौशल विकास निगम के तहत भर्ती होने वाले लोगों को इस्राइल भेजा जाएगा। इसके लिए एक लाख 37 हजार रुपये वेतनमान भी निर्धारित किया गया है। इसके लिए चार ट्रेड के अनुभवी श्रमिकों की भर्ती की जा रही है। एमडीयू परिसर में चल रही इस भर्ती में उम्मीदवारों की प्रायोगिक परीक्षा ली जा रही है। इसमें पास लोगों को इस्राइल भेजने की मंजूरी दी जा रही है।
शनिवार को सैकड़ों लोग एमडीयू पहुंचे। इसमें रोहतक के अलावा नारनौल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, तावडू, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, अलवर, मुंडावर, खैरतल, बहरोड़ समेत राजस्थान के अनेक जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल रहे। सुबह सात बजे कैंपस में पहुंचे ये उम्मीदवार शाम तीन बजे बाद तक भूखे प्यासे भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का इंतजार करते रहे। दोपहर को उम्मीदवारों को इस्राइल में अवकाश होने के कारण यहां भी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होने की जानकारी दी गई। इसके बाद खुद को ठगा सा महसूस करते उम्मीदवारों ने अपने घरों की ओर रवानगी ली।
युवाओं का आरोप है कि पहले सीएचसी से रुपये देकर पंजीकरण कराया। यहां आकर दोबारा पंजीकरण हुआ। पंजीकरण के बाद भर्ती संबंधी सूचना मिलने की बात कही गई थी। इस बारे में कुछ नहीं बताया गया। यहां न पीने को पानी मिल रहा है न ठंड से राहत की कोई व्यवस्था।
टाइल मिस्त्री हूं। कई साल के काम का अनुभव है। इसके लिए सीएचसी से 19 जनवरी को आवेदन किया था। इसके बाद कोई जानकारी नहीं मिली। एमडीयू में भर्ती शुरू होने का भी संदेश नहीं मिला। एमडीयू में भी 18 जनवरी को दोबारा पंजीकरण के बावजूद कोई जानकारी मिली। शनिवार को यहां आया तो भर्ती नहीं होने का पता लगा। रविवार को फिर आना होगा।
विजेंद्र, बूचावास, नारनौल।
एमडीयू में सुबह छह बजे पहुंच गया था। दोपहर के तीन बजे बाद तक कोई भर्ती नहीं हुई। आयरन बाइंडिंग के काम का लंबा अनुभव है। दसवीं तक पढ़ा हूं। इसलिए सीएससी से ढाई सौ रुपये फीस भर कर पंजीकरण कराया। यहां भी न तो ठीक से जानकारी मिल रही है न ही भर्ती में शामिल हो पा रहे हैं।
विनोद, रामबास, नारनौल।
इजराइल जाकर परिवार के लिए कुछ ज्यादा कमा पाऊंगा। यहां जितना वेतन मिल रहा है, उतने पर घर चलाना मुश्किल है। कक्षा 12वीं के बाद आईटीआई की है। अल सुबह घर से एमडीयू के लिए निकला था। यहां बगैर कुछ खाए पीए, दोपहर बाद तक बैठे रहे। किसी ने सुनवाई नहीं की। रविवार को आने के लिए कहा गया।
अमित, रेवाड़ी।