फोटो :: सोनीपत में आयोजित विशेष लोक अदालत में भूमि विवाद को लेकर दोनों पक्षों से बातचीत करते मु
सोनीपत। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की विशेष लोक अदालत में वर्षों से लंबित दो पुराने विवादों का समाधान आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से कर दिया गया। इनमें 29 वर्ष पुराना भूमि अधिग्रहण मुआवजा मामला और सात वर्ष पुराना पारिवारिक संपत्ति विवाद शामिल है।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं डीएलएसए सचिव प्रचेता सिंह के नेतृत्व में दोनों मामलों का सौहार्दपूर्ण निपटारा कराया गया। इस पहल से पक्षकारों को राहत मिलने के साथ-साथ वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली पर विश्वास भी और मजबूत हुआ है।
डीएलएसए सचिव प्रचेता सिंह ने कहा कि यह दोनों मामले वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली की प्रभावशीलता के उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों का उद्देश्य केवल मामलों के निपाटारे के साथ पक्षकारों को त्वरित, सुलभ और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है।
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तीन दशक के इंतजार के बाद मिलेगा वैधानिक मुआवजा
करीब तीन दशक से लंबित भूमि अधिग्रहण मुआवजा मामले (डायरी संख्या 12244/2024) में डीएलएसए, मध्यस्थों और लीगल एड डिफेंस काउंसिल के प्रयासों से पक्षकारों के बीच सहमति बनी। समझौते के बाद राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय के 12 जुलाई 2023 के निर्णय के अनुरूप मुआवजा जारी करने पर सहमति दी। इससे दिवंगत राजेश बाल के विधिक उत्तराधिकारियों को उनका वैधानिक अधिकार मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
27.70 लाख रुपये में सुलझा भाइयों का संपत्ति विवाद
सात वर्ष से लंबित पारिवारिक संपत्ति विवाद में सगे भाई बारू राम और अंत राम के बीच 27.70 लाख रुपये के पूर्ण एवं अंतिम समझौते पर सहमति बनी। मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों ने विवाद समाप्त करने का निर्णय लिया, जिससे परिवार में लंबे समय से चली आ रही अनबन भी खत्म हो गई।