दो साल बाद शहर को नगर निगम का दिसंबर माह में ही पहला सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर मिलेगा। बुधवार को जिला विकास भवन में सुबह 11 बजे दोनों पदों के लिए पार्षद चुनाव करेंगे। अगर सर्वसम्मति नहीं बनी तो नगर निगम प्रशासन ने मतदान की पूरी तैैयारी कर ली है। पार्षदों को मोबाइल व पेन लेकर आने की अनुमति नहीं होगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस बल तैनात कर दिया है। नगर निगम के दिसंबर 2018 में चुनाव हुए थे, जिसमें पहली बार मेयर को शहर के ढाई लाख से ज्यादा मतदाताओं ने वोट डालकर चुना। नियमों के तहत उसी समय 22 पार्षदों में से सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का चयन होना चाहिए था, लेकिन अब दो साल बाद बुधवार को चुनाव हो रहा है। इसकी निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा ने पूरी तैैैयारी कर ली है। मंगलवार शाम को गोदारा ने निगम की टीम के साथ जिला विकास भवन में जाकर रिहर्सल की।
मेयर खोलेंगे जिला विकास भवन में बंद लिफाफा
हाउस में 22 में से भाजपा के 20 पार्षद हैं, जिसमें 8 पार्षद पार्टी के चुनाव चिह्न पर लड़कर जीते, जबकि 12 भाजपा को हराकर भाजपा में आए हुए हैं। केवल वार्ड नंबर 11 से पार्षद कदम सिंह व 15 से गुलशन ईशपुनियानी की कांग्रेस समर्थक हैं। भाजपा की ओर से चुनाव पर्यवेक्षक महिपाल ढांडा बुधवार सुबह नौ बजे पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ की तरफ से दिए गए लिफाफे को लेकर पहुंचेंगे। लिफाफे में पार्टी की ओर से सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के लिए तय प्रत्याशियों के नाम होंगे। सूत्रों का कहना है कि पर्यवेक्षक बंद लिफाफा मेयर मनमोहन गोयल को देंगे। मेयर जिला विकास भवन में पहुंच कर पार्षदों के बीच खोलेंगे।
पार्टी में गणित न बैठा तो नाराज पार्षद चुनाव लड़ने की तैैयारी में
कुर्सी तक पहुंचने के लिए भाजपा पार्षद दिनभर कभी पार्टी नेताओं तो कभी साथी पार्षदों को टटोलते रहे। सूत्रों का कहना है कि दो जाट पार्षद, एक पंजाबी व एक एससी पार्षद खुद की पक्की कुर्सी मानकर चल रहे हैं। दोनों जाट समुदाय के पार्षदों को यकीन है कि उनको पार्टी ही मैदान में उतारेगी। एक पार्षद ने तो पार्टी द्वारा मैैदान में न उतारने पर चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। हालांकि मीटिंग के अंदर दूसरे समर्थक पार्षद उसका कितना साथ देंगे, इस पर भी काफी कुछ निर्भर रहेगा। वहीं, एससी समाज के एक पार्षद तो कुर्सी मिलना तय मानकर चल रहे हैं। उत्साहित पार्षद ने नया कुर्ता व पजामा तक सिलवा लिया है। वहीं, पंजाबी समुदाय के एक पार्षद को यकीन है कि पार्टी उनको कुर्सी तक पहुंचाएगी। अगर पार्टी में बात नहीं बनी तो वे चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
महिला शिक्षक लिखेगी सुबह बैलेट पेपर पर नाम
निगम ने सर्वसम्मति न बनने पर मतदान करवाने की पूरी तैयारी कर ली है। दो सील बंद मतपेटियां निगम के पास पहुंच चुकी हैं। साथ ही 30 बैलेट पेपर तैयार करवाए गए हैं। अगर मतदान की नौबत आई तो बैलेट पेपर पर हिंदी की महिला शिक्षक हिंदी वर्णमाला के हिसाब से नाम लिखेगी। नाम के आगे मतदान करने वाले पार्षद को हां या ना लिखना होगा या अंग्रेजी में बने यश या नो के कालॅम में पेन से निशान लगाना होगा।
सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव की पूरी तैयारी हो गई है। पार्टी पर्यवेक्षक सुबह 9 बजे पार्टी कार्यालय में पहुंचेंगे, जहां सभी पार्षदों को बुलाया गया है। वहां पर पार्षदों के बीच पर्यवेक्षक सर्वसम्मति बनाने का प्रयास करेंगे। अगर सर्वसम्मति नहीं बनी तो बंद लिफाफे में पार्टी की ओर से नाम तय किए जाएंगे।
-मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम।