महम स्थित अपने कार्यालय पर पत्रकारों से बात करते सांसद रामचंद्र जांगड़ा। संवाद
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महम। महम में पिछली योजना के दौरान तालाबों के लिए करोड़ों रुपये आए थे। इस पैसे की बड़े स्तर पर बंदरबांट का अंदेशा है। इसकी जांच कराने व दो दिन पहले जन स्वास्थ्य विभाग में लगाए जाने वाले टेंडर को फर्जी पत्र के जरिए रोकने के प्रयास किए गए हैं।
इन दोनों मामलों का मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। यह कहना है सांसद रामचंद्र जांगड़ा का। वह शनिवार को अपने कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
सांसद ने कहा कि भारत की विपक्षी पार्टियां विपक्ष की जिम्मेदारी निभाने के बजाय आरोप-प्रत्यारोप की ओछी राजनीति कर रही हैं। विपक्ष जनता की भलाई के लिए आवाज उठाने के लिए होता है। वह अपना रास्ता भटक चुका है। बिहार में एसआईआर के नाम पर राजनीति करना, सदन की कार्रवाई बाधित करना, इसका जीता जागता उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, उन्होंने बहनों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। इसी प्रकार नायब सैनी के नेतृत्व वाली सरकार ने अनेक कठोर कदम उठाए हैं। इनमें सीईटी का सफल व ईमानदारी से आयोजन करना भी शामिल है।