अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने राजनीतिक दलों के जाट नेताओं को लिखा खुला पत्र
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से राजनीतिक दलों के तकरीबन सभी जाट नेताओं को खुला पत्र लिखकर आंदोलन के लिए सहयोग और समर्थन मांगा गया है। लेकिन भाजपा के तीन जाट नेताओं को पत्र नहीं लिखा गया है। वहीं, जसिया में दूसरे दिन भी जाट आंदोलन के तहत दिया जा धरना शांतिपूर्ण रहा। सुबह 10 बजे से ही लोग धरनास्थल पर पहुंचने लगे थे। देर शाम अधिकतर लोग अपने-अपने घर चले गए। कुछ लोग रात में धरना देने के लिए रुक गए। रात में रुकने वालों के लिए रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। मंच से वक्ताओं ने शांति बनाए रखने और मांगें मानने के बाद ही धरना खत्म करने की बातें कहीं। प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप भी लगाया गया।
जाट आरक्षण समिति ने केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह डूमरखां, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, इनेलो नेता अभय चौटाला, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला, कांग्रेस विधायक आनंद सिंह दांगी, श्रीकृष्ण हुड्डा, भाजपा नेता बलराज कुुंडू और इनेलो के रोहतक जिला अध्यक्ष सतीश नांदल को पत्र लिखकर सहयोग मांगा है। साथ ही धरनास्थल पर आने का आग्रह किया गया है। संघर्ष समिति के प्रदेश प्रभारी अशोक बल्हारा ने कहा कि उम्मीद है सभी जाट नेता सहयोग देंगे, जो नहीं देगा उसके बारे में फैसला जाट समाज करेगा। वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषिमंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला को समिति की ओर से कोई पत्र नहीं लिखा गया है।
यह लिखा पत्र में
आप जानते हैं कि 22 फरवरी 2016 को केंद्रीय गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के साथ जाट प्रतिनिधियों की मीटिंग हुई थी। इस दौरान सरकार ने सात मांगें मानी थीं, लेकिन अभी तक एक को भी पूरा नहीं किया गया। इस संबंध में कई बार सरकार को स्मरण करवा चुके हैं। अब दोबारा से जाट समाज रोहतक-पानीपत हाईवे के किनारे धरना दे रहा है। आप धरने पर आकर आंदोलन को समर्थन दें। साथ ही जाट समाज के साथ हो रहे अन्याय की आवाज सरकार तक पहुंचाएं।
मंच से घोषणा, केंद्रीय मंत्री ने दिया है भरोसा, आऊंगा धरने पर
दोपहर बाद धरना स्थल पर मंच से कृष्णलाल हुड्डा ने घोषणा की कि केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह रोहतक में आए थे। उनसे जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से समर्थन मांगा गया। केंद्रीय मंत्री ने न केवल आंदोलन को जायज ठहराया, बल्कि धरना स्थल पर भी आने का भरोसा दिया।