रोहतक। सिंचाई विभाग ने जेएलएन और बीएसबी नहरों में पानी छोड़ने का रोस्टर नवंबर तक बदल दिया है। इसके तहत अब जेएलएन में 16 दिन के अंतराल में पानी छोड़ा जाएगा। रोस्टर नियमित रहा तो गर्मी में भी पेयजल संकट नहीं होगा।
शहरवासियों को पेयजल की आपूर्ति जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) और बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच) नहरों में आने वाले पानी से होती है। दोनों नहरों में पानी छोड़ने का सिंचाई विभाग रोस्टर बनाता है। गर्मी में पानी की मांग ज्यादा बढ़ने की सिंचाई विभाग ने नवंबर तक के लिए नया रोस्टर जारी कर दिया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 16 अप्रैल से नया रोस्टर लागू कर दिया गया है। अब जेएलएन में 16 दिन के अंतराल में पानी आएगा जबकि पूर्व में 24 दिन के अंतराल में पानी आता था। नये रोस्टर के अनुसार 16 अप्रैल से एक मई तक जेएलएन में पानी आएगा। दो अप्रैल से बीएसबी में आठ दिन यानी 10 मई तक पानी आएगी। इसके बाद 16 मई को जेएलएन में पानी आएगा। यानी अब जनस्वास्थ्य विभाग को छह अथवा सात दिन जलघरों में जमा पानी से आपूर्ति करनी होगी। जनस्वास्थ्य विभाग एसडीओ का कहना है कि यदि दोनों नहरों में रोस्टर के हिसाब से पानी मिलता रहा तो गर्मी में पेयजल संकट नहीं होगा। लोगों को मांग के अनुसार पर्याप्त पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
वर्जन-
अप्रैल से नवंबर तक के लिए जेएलएन व बीएसबी में पानी छोड़ने का रोस्टर बदल दिया है। अब जेएलएन में 16 दिन के अंतराल में पानी आएगा। रोस्टर नियमित चलेगा ताकि शहरवासियों को पेयजल संकट नहीं झेलना पड़े।
- अरुण मुंजाल, अधिशासी अभियंता जेएलएन