गीत-संगीत की सुर लहरियों की गूंज, पायल की झंकार और साहित्य एवं ललित कला
के रंगों को समेटे हुए महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय का 33वां इंटर जोनल यूथ
फेस्टिवल यूनिफेस्ट 2013 शुक्रवार से शुरू हुआ।
देश में मंगोलिया
के राजदूत सांजा सुरेन बय्यारा ने इस तीन दिवसीय साहित्यिक-सांस्कृतिक
महाकुंभ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भारत और मंगोलिया में बहुत सी
समानताएं हैं। दोनों देशों में शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहभागिता की
बेहतरीन संभावनाएं हैं। समारोह में मुख्यातिथि राजदूत सांजा सुरेन को
पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में
उपस्थित विशिष्ट अतिथि लोक गायक प्रेम देहाती को भी पगड़ी पहनाकर सम्मानित
किया गया। इस मौके पर उन्होंने चार दिन की चमक चांदनी-लोकगीत, सराररा
रा..... लोक गीत तथा राजा नाहर सिंह के शौर्य व बलिदान से सराबोर लोकगीत
प्रस्तुत कर भाव-विभोर कर दिया। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विभागों तथा
संबद्ध महाविद्यालयों की 62 टीमों के लगभग 500 प्रतिभागी इस युवा महोत्सव
में शिरकत कर रहे हैं।
यूनिफेस्ट के उद्घाटन समारोह में मदवि
कुलपति एचएस चहल ने स्वागत भाषण दिया। आयोजन सचिव प्रो. अरुण नंदा ने आभार
प्रदर्शन किया। मंच संचालन प्राध्यापिका प्रो. सोनिया मलिक ने किया।
कार्यक्रम समन्वयन युवा कल्याण निदेशक डॉ. जगबीर राठी ने किया। इस युवा
महोत्सव का संयोजन अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. राजबीर सिंह ने किया।
यूनिफेस्ट 2013 के टैगोर सभागार में आयोजित उद्घाटन समारोह में कुलसचिव डॉ.
एसपी वत्स, प्राक्टर प्रो. एसपी खटकड़, डीडीई निदेशक प्रो. नसीब सिंह गिल,
निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी, सहायक निदेशक युवा कल्याण डॉ. आनंद शर्मा,
युवा कल्याण निरीक्षक डॉ. प्रताप राठी आदि मौजूद रहे।
डांस से जमाया रंग
समारोह
में पहले दिन नृत्य और शास्त्रीय संगीत की बहार रही। टैगोर सभागार के
मुख्य स्टेज पर प्रतिभागी टीमों ने समूह नृत्यों व शास्त्रीय नृत्यों की
प्रस्तुति दी। द्वितीय स्टेज पर डॉ. अंबेडकर हॉल में शास्त्रीय गायन
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने विभिन्न रागों पर प्रस्तुति दी। वहीं,
वाद्य यंत्रों पर भी प्रतिभागियों ने अपना जादू दिखाया। इसी मंच पर समूह
गीत प्रतियोगिता में प्रतिभागी टीमों ने सुर लहरियां बिखेरी।
चार भाषाओं में पेश की कविताएं
डीडीई
कांफ्रेंस हॉल में बनाए गए स्टेज नंबर तीन पर संस्कृत संभाषण और संस्कृत
लोकार्पण का आयोजन किया गया। वहीं, प्रतिभागियों ने हिंदी, उर्दू, पंजाबी
और अंग्रेजी भाषाओं में अपनी काव्यात्मक प्रतिभा की अभिव्यक्ति दी। टैगोर
सभागार के ऊपरी तल पर बनाए गए स्टेज नंबर चार पर कला गगन स्टेज पर पेंटिंग,
कार्टूनिंग, फोटोग्राफी और क्ले माडलिंग प्रतियोगिताएं हुई। कार्टूनिंग
इवेंट में इलेक्शन के वादे विषय पर प्रतिभागियों ने अपनी व्यंगात्मक
सृजनशीलता प्रस्तुत की। पेंटिंग में ग्रामीण परिदृश्य विषय पर प्रतिभागियों
ने रंगों की छटा बिखेरी। संस्कृत एकांकी का मंचन स्वराज सदन के नजदीक मंच
में हुआ।