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इंटेलिजेंट व्हीलचेयर : दिव्यांग की हालत बिगड़ी तो परिजन तक खुद पहुंचेगा संदेश

Sat, 05 Nov 2016 01:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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इंटेलिजेंट व्हीलचेयर - फोटो : अमर उजाला
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परिवार में यदि कोई दिव्यांग है तो आपको हर समय देखभाल के लिए उसके आसपास रहने की जरूरत नहीं होगी। इंटेलिजेंट व्हीलचेयर न केवल दिव्यांग की आवाज से चलेगी, बल्कि शरीर का तापमान बिगड़ते ही तुरंत ही परिजन तक संदेश भी भेज देगी। इस इंटेलिजेंट व्हीलचेयर को तैयार किया है महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के रिसर्च स्कॉलर नवीन मलिक ने। इस व्हीलचेयर की एक खासियत यह भी होगी कि इसका इस्तेमाल करने वाला दिव्यांग पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। वह किसी दीवार या अन्य चीजों से टकराएगा भी नहीं। पहले से मौजूद ऐसी व्हीलचेयर से यह सस्ती भी होगी। 
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मूलरूप से सोनीपत के रहने वाले नवीन कुमार मलिक हिंदू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं और एमडीयू के यूआईईटी में रिसर्च स्कॉलर हैं। नवीन का कहना है कि अभी बाजार में मैन्युअल और इलेक्ट्रिकल व्हीलचेयर हैं, लेकिन उनकी कीमत काफी अधिक है, सुविधाएं कम हैं। दिव्यांग की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने अपने गाइड प्रो. वीआर सिंह के नेतृत्व में साल-2015 में इंटेलिजेंट व्हीलचेयर का प्रोजेक्ट शुरू किया था। 

व्हीलचेयर में सुरक्षा और सुविधा उपलब्ध 
इंटेलिजेंट व्हीलचेयर की खासियत यह है कि सीडब्ल्यूएनएस (कोगनेटिव व्हीलचेयर नेविगेशन सिस्टम) लगाया गया है, जिसमें वॉयस कंट्रोल सेंसर और बायोमेडिकल सेंसर लगाए गए हैं। वॉयस कंट्रोल सेंसर में आगे-पीछे और दाएं-बाएं का कोड सेट किया गया है। दिव्यांग जिधर चलने के लिए कहेगा, व्हीलचेयर उसी दिशा में चलेगी। सुरक्षा की दृष्टि से भी इसमें निश्चित दूरी तय की गई है। ऐसे में यह किसी दीवार या किसी अन्य वस्तु से टकराने से पहले रुक जाएगी। 
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परिजनों के पास पहुंच जाएगा ‘देयर इज इमरजेंसी’ का मैसेज 
व्हीलचेयर में लगाए गए बायोमेडिकल सेंसर में दिव्यांग के स्वस्थ शरीर का तापमान और हार्टबीट को जोड़ा गया है। सेंसर के साथ ही एक माइक्रो कंट्रोलर लगाया गया है, जिसमें परिवार के किसी एक सदस्य का मोबाइल नंबर डाला गया है। जैसे ही दिव्यांग का स्वास्थ्य खराब होगा तो तापमान और हार्टबीट दोनों बढ़ जाएंगे। इसके बाद संबंधित मोबाइल नंबर पर ‘देयर इज इमरजेंसी’ का मैसेज पहुंच जाएगा। 
 
स्वीडन के इंटरनेशनल जनरल में प्रकाशित 
नवीन मलिक ने इस मॉडल को स्वीडन के एक इंटरनेशनल जनरल में प्रकाशित होने के लिए भेजा। मॉडल की खासियत को देखते हुए उन्होंने इसे प्रकाशित कर दिया। साल 2016 का यह सबसे बेहतर प्रोजेक्ट पाया गया है। 

कम खर्च में सुविधा देने का प्रयास 
इस व्हीलचेयर को तैयार करने वाले नवीन कुमार मलिक का कहना है कि फिलहाल इसका मॉडल तैयार किया गया है। इसमें दिव्यांग के साथ-साथ उसके परिवार को काफी सहूलियत हो जाएगी। प्रयास किया जा रहा है कि इसे कामर्शियल कर कम दामों पर दिव्यांगों को मुहैया कराई जा सके। प्रोजेक्ट को पूरा करने में संस्था के चेयरमैन अरुण अग्रवाल और गाइड प्रो. वीआर सिंह का विशेष सहयोग रहा है। उनके मार्गदर्शन से ही यह सफलता मिली है। 
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