रोहतक। गोदाम के स्टॉक खाते की बैलेंस सीट को आधार मानकर बीमा कंपनी चोरी के बाद हुए नुकसान के दावे को यह कहकर खारिज नहीं कर सकी कि रिकार्ड में नुकसान का जिक्र नहीं है। बीमा कंपनी को व्यापारी पाड़ा मोहल्ला निवासी वीरेंद्र सिंधवानी को 7.43 लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित देना होगा। जिला उपभोक्ता आयोग ने इस आशय का निर्णय एक दिन पहले दिए फैसले में सुनाया है।
आयोग के रिकार्ड के मुताबिक शिकायतकर्ता ने जनवरी 2022 में अर्जी दायर की थी कि उसका घरेलू सामान सप्लाई करने का काम है। माल रखने के लिए भैंयापुर के नजदीक गोदाम बना रखा है। उसने गोदाम में रखे सामान का 2017-18 के लिए 30 लाख का बीमा कराया था। मार्च 2018 में गोदाम के शटर को तोड़कर चोर सामान ले गए। उसने सदर थाने में केस दर्ज कराया। साथ ही बीमा कंपनी को सूचना दी। बीमा कंपनी ने सर्वे करने वाली टीम को भेजा। आंकलन में उसके गोदाम से 7.43 लाख रुपये का नुकसान पाया। कंपनी ने क्लेम को यह कहकर खारिज कर दिया कि गोदाम के स्टॉक की बैलेंस सीट में चोरी हुए स्टॉक का कोई जिक्र नहीं है।
पीड़ित ने 2022 में आयोग में अर्जी दायर की। आयोग ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद फैसला दिया है कि स्टॉक की बैलेंस सीट के आधार पर दावा खारिज नहीं किया जा सकता। बीमा कंपनी शिकायतकर्ता को 7.43 लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित दे। साथ ही 10 हजार रुपये सेवाओं में सेवा की कमी व पांच हजार कानूनी खर्च के लिए दे।