रोहतक। नगर निगम चुनाव के मद्देनजर रोहतक शहर में 1000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। चुनाव के मद्देनजर 285 बूथ पर पुलिस बल तैनात था। विजय नगर के नजदीक झज्जर रोड पर जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में वार्ड नंबर 20 के चार बूथ बनाए गए थे। इसके बावजूद हत्या करने के बाद हिमानी के शव को आरोपी करीब 300 मीटर दूर तक सूटकेस में डालकर ले गया था।
हिमानी की हत्या के बाद खुलेआम शव को लेकर जाने की घटना ने शहर में सेफ सिटी योजना पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि इस योजना के तहत जिले में आरएएफ की दो-दो कंपनियां तैनात करके उनको हाईटेक उपकरणों से लैस करने के दावे किए गए थे। इस योजना की शुरुआत 2023 में की गई थी।
300 मीटर सूटकेस खींचकर पहुंचा था मुख्य सड़क पर
हत्या के बाद आरोपी सचिन ने हिमानी के शव को सूटकेस में भरकर उसे करीब 300 मीटर तक खींचकर ले गया था। रात 10 बजे न तो पुलिस की गश्त करने वाली गाड़ी मिली और न ही चुनाव के दौरान लगी सुरक्षा बलों की गाड़ी मिली।
पार्षदों की हत्या की साजिश नाकाम करने के बाद भी पुलिस नहीं थी सतर्क
नामांकन के दौरान पार्षद उम्मीदवारों की हत्या करने आए चार आरोपियों को रोहतक की सीआईए-2 पुलिस ने मुठभेड़ में काबू किया था। इसके बावजूद शहर की पुलिस ने कोई सतर्कता नहीं बरती और आम दिनों की तरह भी गश्त नहीं की, जबकि रोहतक में 19 अति संवेदनशील और 49 संवेदनशील बूथ थे। इसके बावजूद पुलिस ने कोई सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों में ही चाकचौबंद की थी। यदि असामाजिक तत्व शहर में चुनाव के दौरान किसी वारदात को अंजाम देना चाहते थे, वह आसानी से कर सकते थे। यह हिमानी की हत्या के बाद साबित हो गया है।