पत्रकारों से वार्ता करते इनसों के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप देशवाल, साथ में मृतक सचिन की मां। अमर
एमडीयू में माली का काम करने वाले सचिन शर्मा के आत्महत्या किए सात माह हो चुके हैं। अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस ने न तो किसी को गिरफ्तार किया है, न ही कोई कार्रवाई की है। अब केस को बंद करने की तैयारी की जा रही है। यह सब सांसद के इशारे पर हो रहा है। मुझे न्याय नहीं मिला तो मेरे पास जान देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। ये गंभीर आरोप सचिन की मां रजनी व इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप देशवाल ने लगाए हैं। वे बुधवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप देशवाल ने कहा कि करीब सात महीने बाद भी एमडीयू के तदर्थ कर्मचारी के आत्महत्या मामले में पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है। जातिवाद की राजनीति करने वाले सांसद इस मामले में मौन हैं। अपने निजी स्वार्थ के चलते सांसद केवल जातिवाद की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं। एमडीयू में एक गरीब ब्राह्मण के बेटे की आत्महत्या के मामले में अब तक एक शब्द भी नहीं बोले हैं। इसकी वजह एमडीयू में अपने रिश्तेदार को 90 हजार रुपये मासिक की नौकरी लगवाना है। विवि प्रशासन ने भी नियमों को ताक पर रखकर सिक्योरिटी कंसल्टेंट बना दिया।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। इसके लिए धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा। पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। यही नहीं, एफआईआर भी रद्द करने की साजिशें रची जा रही हैं। संगठन एक मां के साथ ऐसा अन्याय नहीं होने देगा। इस मौके पर इनसो जिला प्रधान प्रदीप शर्मा भी उपस्थित रहे।