लोकसभा चुनाव में छह माह में जिस रोहतक शहर से भाजपा को 19 हजार से ज्यादा मतों से लीड मिली थी, उसी हलके में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मनीष ग्रोवर को हरा दिया। ग्रोवर की गिनती प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्रियों और सीएम मनोहर लाल के करीबी नेताओं में मानी जाती थी। इतना ही नहीं, मई से अक्तूबर माह के बीच में चार बड़े नेता, 11 पार्षद व पूर्व पार्षद और 10 व्यापारी नेता भाजपा में शामिल हुए, लेकिन पार्टी को जीत नहीं दिलवा सके। आउटर से लेकर जनता कालोनी और ओल्ड सिटी में कांग्रेस को बढ़त मिली तो भाजपा का गढ़ माने जा रहे गांधी कैंप से उतनी लीड नहीं मिली सकी, जिसकी उम्मीद की जा रही थी।
12 मई 2019 को लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सभी 10 सीटों पर बाजी मारी। इसमें रोहतक लोकसभा सीट भी शामिल थी, जो 2014 में भाजपा जीतने से वंचित रह गई थी। 2014 के बाद पहले मेयर चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव में जीत से उत्साहित भाजपा मानकर चल रही थी कि विधानसभा चुनाव में रोहतक जिले में शानदार प्रदर्शन करेगी। हुड्डा को गढ़ी सांपला-किलोई तक में हराने की रणनीति तैयार की गई। इसके लिए इनेलो के जिला अध्यक्ष सतीश नांदल, जजपा के जिला अध्यक्ष धर्मपाल मकड़ौली और तीसरे नेता प्रेम सिंह हुड्डा और चौथे इनेलो नेता राजकुमार शर्मा को भाजपा में शामिल किया। इसके अलावा नगर निगम के पार्षद जयभगवान ठेकेदार, राहुल देशवाल, अनिल कुमार, मनोज सैनी, कृष्ण सहरावत, पूर्व पार्षद राजबीर सैनी, अनीता मिगलानी, सुरेंद्र बतरा, पूर्व मेयर रेनू डाबला और व्यापारी नेता गुलशन डंग, बिट्टू सचदेवा, अशोक चौधरी, अनिल भाटिया, ललित मोहन सैनी, सूरज रसवंत, रवि गुगनानी, सुभाष गुप्ता उर्फ काका, रितेष सिंहपुरिया व राहुल जैन सहित अन्य लोगों को भाजपा से जोड़ा गया। इसके बावजूद भाजपा की हार कई सवाल खड़े कर रही है। क्या जो नेता, पार्षद व व्यापारी नेता भाजपा में आए, उन्होंने धरातल पर काम नहीं किया।
आउटर व जनता कालोनी का मूड नहीं भांप पाए ग्रोवर के रणनीतिकार, गांधी कैंप से भी मिली अपेक्षाकृत कम लीड
रोहतक हलके की एरिया वाइज समीक्षा की जाए तो भाजपा प्रत्याशी मनीष ग्रोवर को 12 राउंड में केवल सुखपुरा चौक के आसपास के एरिया और गांधी कैंप के एरिया में राउंड नंबर 9 में कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण बतरा से बढ़त मिली। बाकी नौ राउंड में बतरा आगे रहे। खासकर आउटर, प्रेम नगर के आसपास का एरिया व जनता कालोनी में बतरा को एकतरफा बढ़त मिली है। साथ ही मेयर मनमोहन गोयल के प्रभाव वाले पुराने शहर में भी कांग्रेस प्रत्याशी आगे रहे। इतना ही नहीं, जिस गांधी कैंप में लोकसभा चुनाव के अंदर 7 हजार से ज्यादा की लीड मिली थी। अब घटकर एक हजार से नीचे आ गई। ऐसे में साफ है कि ग्रोवर के आसपास रहने वाले रणनीतिकार सही ढंग से अपनी रणनीति को आगे नहीं बढ़ा सके।
अधिकारियों की लॉबी ले डूबी, तीन साल से अमृत प्रोजेक्ट का दिखाते रहे पब्लिक को सपना, अब तक प्रोजेक्ट अधूरा
शहर में दशकों से पानी व सीवरेज की समस्या है। नगर निगम के अधिकारियों ने तीन साल पहले केंद्र सरकार के अमृत प्रोजेक्ट के तहत शहर की पानी व सीवरेज की समस्या का समाधान करने का भरोसा देना शुरू किया। हाउस के अंदर जब भी समस्या उठाई जाती, अधिकारी एक ही जवाब देते थे कि अमृत प्रोजेक्ट आएगा और सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। प्रोजेक्ट धरातल पर निगम चुनाव के बाद उतर सका। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पूरे शहर में खुदाई कर दी गई। समय पर प्रोजेक्ट पूरे नहीं होने के कारण पब्लिक में नाराजगी थी, जो विधानसभा चुनाव में निकल कर बाहर आई है। अब भाजपा प्रत्याशी रहे मनीष ग्रोवर को ऐसे अधिकारियों के बारे में चिंतन व मंथन करना होगा, जो हार की वजह बने हैं।
मेयर मनमोहन गोयल भी नहीं दिला सके जीत
दिसंबर 2018 में भाजपा के मनमोहन गोयल ने मेयर चुनाव में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सीताराम सचदेवा को करारी शिकस्त दी थी। उस समय ग्रोवर को ओल्ड सिटी व जनता कालोनी से अच्छी बढ़त मिली, जहां बनिया बाहुल्य एरिया भी शामिल है। अब विधानसभा चुनाव में दोनों एरिया में ग्रोवर को कांग्रेस प्रत्याशी से बढ़त नहीं मिल सकी। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या मेयर ने धरातल पर प्रयास नहीं किए या उनका अब मतदाताओं के बीच असर नहीं रहा।
ग्रोवर बोले, : हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा, शहरवासियों के लिए हर वक्त खुले घर के दरवाजे
भाजपा प्रत्याशी मनीष ग्रोवर का कहना है कि, मेरे लिए लोगों का निर्णय हमेशा सर्वोपरि रहा है। लोकतंत्र में हार-जीत होती रहती है। शहरवासियों के लिए मेरे मन व घर के दरवाजे हर वक्त खुले रहे थे और रहेंगे।
बतरा बोले : धरातल पर नहीं हुए काम, रोहतक की जनता ने दिया जवाब
शहर से विधायक बने भारत भूषण बतरा का कहना है कि, लोगों को लंबे समय बातों के जाल में नहीं उलझाया जा सकता। भाजपा की तरफ धरातल पर काम नहीं करवाए गए। भ्रष्टाचार के मुद्दों पर आज तक जवाब नहीं मिला, लेकिन रोहतक शहर की जनता की अदालत ने फैसला सुना दिया है।
पंजाबी समुदाय से कांग्रेस में एकमात्र विधायक बतरा
प्रदेश के अंदर कांग्रेस के 30 से ज्यादा प्रत्याशी विधायक बनकर चंडीगढ़ जाएंगे। इसमें रोहतक शहर से कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण बतरा पंजाबी समुदाय के एकमात्र विधायक हैं। उन्होंने पंजाबी समुदाय एवं प्रदेश सरकार में मंत्री रहे मनीष ग्रोवर को हराया है।