राष्ट्रीय राजमार्ग 10 के किनारे आईएमटी फेज 3 में छह दिन पहले हुए ब्लास्ट मामले में अब तक पुलिस के हाथ खाली है। जांच टीम की निगाह फोरेंसिक लैब से आने वाली रिपोर्ट पर है, जो अब तक नहीं मिली है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने में एक सप्ताह का समय और लगेगा। वीरवार को एमडीयू में हुए छात्र सम्मलेन के विरोध में किसानों के प्रदर्शन के चलते पुलिस भी आईएमटी के आसपास के एरिया में सर्च अभियान नहीं चला सकी।
31 जुलाई की सुबह खरावड़ गांव निवासी राजकुमार अपने साथियों के साथ सैर करने आईएमटी में गया था, जहां हैंडपंप के पास रखा पॉलिथीन बैग उठाने पर जोरदार धमाका हुआ। धमाके से राजकुमार बुरी तरह जख्मी हो गया। वह पीजीआई में दाखिल है। एनआईए की टीम भी मौके पर जांच करने पहुंची, लेकिन अभी तक ब्लास्ट मामले में रोहतक पुलिस व केंद्रीय जांच एजेंसी के हाथ खाली हैं।
गवाह को धमकी देने के आरोपी को मिली जमानत
उधर, विस्फोट मामले में गवाह गीतादत्त को मैसेज भेजकर 40 लाख रुपये मांगने व जान से मारने की धमकी देने के आरोपी युवक प्रमोद को पुलिस ने वीरवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई। आरोप है कि प्रमोद ने गीतादत्त को धमकी दी थी कि अबकी बार तो बच गया, अगली बार नहीं बचेगा। 40 लाख का इंतजाम कर ले। पुलिस व गवाह को शक था कि धमकी देने वाले व्यक्ति का संबंध ब्लास्ट से हो सकता है, लेकिन जांच में पता चला कि जिस नंबर से मैसेज आया है। वह गांव के युवक प्रमोद का है। प्रमोद से गीतादत्त के परिवार का पुराना विवाद है।
ब्लास्ट मामले की जांच में फोरेंसिक जांच रिपोर्ट काफी अहम है, जो अगले सप्ताह आने की संभावना है। वहीं, धमकी देने के आरोपी युवक को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई। धमकी प्रकरण का ब्लास्ट से कोई संबंध नहीं है।
- कृष्ण कुमार, एएसपी