रोहतक। अदालत में किशोरी ने कहा उसे माता-पिता ने पढ़ाई के लिए डांट दिया था इसलिए घर छोड़कर चली गई थी। पुलिस ने उसे गुरुद्वारे से बरामद किया था जहां पर वह अपनी मर्जी से रह रही थी।
पीड़िता के बयान व साक्ष्यों के अभाव में एएसजे संदीप दुग्गल की अदालत ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोपी पंजाब के जालंधर निवासी सुमित को बरी कर दिया है। केस में आरोपी पहले से जमानत पर था।
दिसंबर 2023 में एक व्यक्ति ने अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी थी कि 14 साल की बेटी अपनी सहेली के घर से पुस्तक लेेने के लिए गई हुई थी मगर लौटकर नहीं आई। व्यक्ति ने अज्ञात के खिलाफ बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का केस दर्ज करवाया था।
बाद में किशोरी को एक गुरुद्वारे से बरामद किया गया था। पीड़िता की काउंसिलिंग करने के बाद उसके बयान जज के सामने दर्ज कराए गए थे। साथ ही आरोपी जालंधर निवासी सुमित को गिरफ्तार कर लिया था।
अदालत में केस की सुनवाई के दौरान किशोरी ने कहा कि माता-पिता ने उसे पढ़ाई के लिए डांट दिया था। इसके बाद वह अपनी मर्जी से घर छोड़कर चली गई थी। वह एक गुरुद्वारे में रहने लगी थी। पुलिस ने उसे गुरुद्वारे से बरामद किया था। इसके बाद अदालत ने आरोपी सुमित को बरी कर दिया।