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डेंगू और मलेरिया की जांच करानी है तो अपने साथ जरूर लाएं किट

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पीजीआई के आपातकालीन विभाग में जांच के लिए पहुंचे लोग। अमर उजाला
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जिले में मच्छर जनित रोगों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को 10 और नए डेंगू मरीज सामने आए हैं। ऐसी स्थिति में पीजीआई में लोगों को डेंगू व मलेरिया की जांच किटें नहीं मिल रही हैं। उन्हें बाजार से खरीदनी पड़ रही है। यही नहीं, स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में सभी मरीजों की डेंगू जांच करना सुनिश्चित किया है। ऐसे में मरीज परेशानी का सामना कर रहे हैं। संस्थान में किटें उपलब्ध कराने के लिए इसकी खरीद को स्वीकृति की हरी झंडी मिलना शेष है। अमर उजाला ने मच्छर जनित रोगों से पीड़ितों की जांच की व्यवस्था खंगाली तो यह सच सामने आया।
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पीजीआई के आपातकालीन विभाग में भी बुखार, डेंगू व वायरल पीड़ितों की भीड़ बनी रहती है। यहां रोजाना औसतन 600 से अधिक मरीज आ रहे हैं। यही नहीं, ब्लड बैंक से करीब 100 मरीजों को रक्त प्लेटलेट्स जारी की जा रही हैं। यह आंकड़ा भी डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या को साफ दर्शाता है। आपात विभाग में आने वाले बुखार पीड़ितों की डेंगू व मलेरिया की जांच की जा रही है। इसके लिए मरीजों को जांच किट बाजार से खरीद कर लानी पड़ रही है।
250 रुपये की डेंगू किट मिल रही 300 रुपये में
कैंपस के मेडिकल स्टोर में अब मलेरिया किट 50 रुपये व डेंगू किट 250 रुपये में मिल रही है। पहले मलेरिया किट 70 रुपये व डेंगू किट 300 या इससे अधिक दाम पर बेची जा रही थी। संस्थान के एमएस के प्रयास से मरीजों को राहत देने की यह व्यवस्था बन पाई है।
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एलाइजा टेस्ट ही अनिवार्य
पीजीआई में डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा टेस्ट ही अनिवार्य है। फिर भी यहां के आपात विभाग में मरीजों की जरूरतों को देखते हुए उन्हें तुरंत राहत देने के उद्देश्य से किट से जांच की जा रही है। एलाइजा टेस्ट के बाद किसी व्यक्ति में वायरस होने या नहीं होने की पुष्टि की जाती है। किट से की जाने वाली कार्ड या रैपिड जांच अमान्य है। इसकी वजह इसके बेहतर परिमाण नहीं मिलना है। इसीलिए सरकार ने एलाइजा टेस्ट को अनिवार्य किया है। यही नहीं, एलाइजा जांच के बाद ही मरीज को जरूरत पड़ने पर प्लेटलेट्स निशुल्क मुहैया कराई जाएंगी।
मुख्यालय से आनी है किट की सप्लाई
पीजीआई में मरीजों की डेंगू जांच के लिए एलाइजा टेस्ट की सुविधा है। इसकी रिपोर्ट में करीब 24 घंटे का समय लगता है। इसलिए आपातकालीन मरीजों के लिए रेपिड जांच किटें खरीदी जाती हैं। इन जांच किटों की सप्लाई मुख्यालय से आनी है। वहां इसकी खरीद को हरी झंडी मिलने के बाद ही आने वाले 20 से 30 दिनों में मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। यही नहीं, संस्थान में आपात खरीद के लिए भी माइक्रो बायोलॉजी विभाग से जरूरत भेजी जानी है। इसके बाद ही खरीद प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
आपात स्थिति में कार्ड से जांच कराएं, बाद में एलाइजा जरूरी
सरकार की गाइडलाइन के अनुसार हर मरीज की एलाइजा जांच जरूरी है। कार्ड या रैपिड टेस्ट अपनी अपुष्ट रिपोर्ट के चलते अमान्य हैं। आपात स्थिति में मरीज को तुरंत राहत या बीमारी की पहचान के लिए यह जांच की जा सकती है। बाद में मरीज की एलाइजा जांच कराना जरूरी है। इसके बगैर किसी भी मरीज को निशुल्क रक्त प्लेटलेट्स नहीं दिए जाएंगे।
-डॉ. अनुपमा मित्तल, जिला मलेरिया अधिकारी।
जल्द खरीदी जाएंगी डेंगू की जांच किटें
संस्थान में कुछ समय से डेंगू व मलेरिया की जांच किटों की कमी बनी हुई है। ये किटें मुख्यालय से आनी हैं। इस बारे में मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है। स्थानीय स्तर पर खरीद के लिए माइक्रो बायोलॉजी विभाग से जरूरत मांगी गई है। वहां से बताई गई संख्या के हिसाब से जल्द ही किटें खरीदीं जाएंगी। बुखार के मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए संस्थान में भर्ती सभी मरीजों की एलाइजा जांच भी की जाएगी।
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-डॉ. ईश्वर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस।
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