रोहतक। जिला प्रशासन ने पराली जलाने के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। जो भी किसान पराली जलाएगा तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत एफआईआर दर्ज करवा दी जाएगी और दोषी किसान के फार्म रिकॉर्ड में रेड एंट्री कर दी जाएगी जिसके फलस्वरूप किसान अगले दो सीजन तक अपनी फसल के उत्पादों को मंडी में नहीं बेच पाएगा। कृषि विभाग की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ भी नहीं ले पाएगा।
उपायुक्त अजय कुमार ने जिले के किसानों से आह्वान किया है कि वे धान की फसल की कटाई के उपरांत फसल अवशेषों को न जलाए। फसल अवशेषों को जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है तथा पशुओं के लिए चारे की कमी होती है। ऐसा करने से मिट्टी में मौजूद मित्र कीट भी नष्ट होते है तथा भूमि की उपजाऊ शक्ति भी कमजोर होती है। किसान फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें। अजय कुमार ने बताया कि प्रशासन की ओर से इस कार्य की निगरानी के लिए ग्राम, खंड एवं जिला स्तर पर विभिन्न विभागों की टीम गठित की गई है, जो कि इस कार्य पर लगातार कड़ी निगरानी रखे हुए हैं।