पंचायत चुनाव जैसे-जैसे बीत रहा मतगणना की तैयारियां भी शुरू हो गईं हैं।
हालांकि मतगणना में किसी तरह का विवाद न हो उसके लिए उन पुलिसकर्मियों और
सरकारी कर्मचारियों को दूर रखा जाए, जिनके परिजन या रिश्तेदार प्रत्याशी
हों। चुनाव आयोग ने इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए। चुनाव आयोग का कहना है
कि प्रत्याशी के रिश्तेदार और परिजन अगर मतगणना कर्मी हैं और उसी क्षेत्र
में मतगणना ड्यूटी पर हैं तो गड़बड़ी हो सकती है।
वहीं विपक्षी भी कोई भी
आरोप लगाते हुए विवाद खड़ा कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने निर्देश दिए कि
कर्मी की ड्यूटी लगाने से पहले उसे पूछा जाए कि कोई करीबी चुनाव तो नहीं
लड़ रहा। अगर है, तो वह कौन और कहां से उम्मीदवार है। इस तरह से पूरी
स्थिति स्पष्ट करने के बाद ही ड्यूटी लगाई जाए।
पंचायत चुनाव में कई
ऐसे प्रत्याशी हैं जिनके परिवार के लोग और रिश्तेदार पुलिसकर्मी, सरकारी
कर्मचारी हैं। ऐसी कई महिला प्रत्याशी हैं, जिनके पति ही सरकारी कर्मी हैं।
अब मतगणना में कोई गड़बड़ी न हो हो इसके लिए आयो चुनाव ड्यूटी को लेकर
सख्त है।
सहायक चुनाव आयुक्त परमाल सिंह की ओर से सभी जिलों के चुनाव
अधिकारियों को निर्देश भेजे गए। वहीं चुनाव आयोग के निर्देश से जिलों के
चुनाव अधिकारियों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। मतगणना ड्यूटी लगाने से
पहले कर्मी से तथ्यों को जानना और इसके बाद उसकी दूसरी जगह ड्यूटी लगाना
चुनाव अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है।