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हाईटेक ठगी : कबाड़ी ने रिमोट से तराजू में 10 किलो वजन घटाया, शक होने पर पकड़ा

Mon, 11 Aug 2025 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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फोटो : 16जांच करने के लिए पहुंची पुलिस की टीम। संवाद - फोटो : कटरा चौराहे पर थाने के सामने झुंड में मवेशी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बावल। कस्बे में कबाड़ खरीदते समय तराजू से वजन घटाकर ठगी करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि कबाड़ी रिमोट की मदद से इलेक्ट्रॉनिक तराजू में 10 किलो तक वजन कम दिखाकर दुकानदारों को चूना लगा रहा था। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस जब मौके पर पहुंची तो इस तरह की ठगी करने के आरोप में तीन आरोपियों को हिरासत लिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाली वेइंग मशीन (इलेक्ट्रानिक तराजू) और उसकी रिमोट को जब्त किया है। मानसिंह ने बताया कि उनकी नांगल तेजू बस अड्डे के पास दुकान है। दुकान का गत्ता और प्लास्टिक का कबाड़ बेचने के लिए कबाड़ी से संपर्क किया।
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सौदा तय होने के बाद जब कबाड़ी ने सामान को अपनी तराजू पर तौला तो वजन 13.200 किलो निकला। शक होने पर वही सामान दूसरी दुकान पर तौलवाया तो वहां वजन 23.600 किलो निकला। इस भारी अंतर को देखकर जब कबाड़ी से पूछताछ की तो उसके पास से एक रिमोट बरामद हुआ, जिसकी मदद से वह तराजू का वजन कम कर रहा था।
दुकानदार मानसिंह ने तत्काल इसकी सूचना 112 नंबर पर दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीन कबाड़ी साबिर, साजिद रज़ा और शहबाज अली को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपी आसपास के क्षेत्रों में फेरी लगाकर कबाड़ खरीदने का काम करते हैं। पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी तराजू को इलेक्ट्रॉनिक रिमोट से नियंत्रित करते थे, जिससे वजन को मनचाहे अनुसार घटाया जा सकता था।
यह एक प्रकार की हाईटेक ठगी है। पता चला कि आरोपी उत्तर प्रदेश से वेइंग मशीन खरीद कर लाए थे। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इससे पहले वह कितनी बार इस तरह से लोगों को चुना लगा रहे हैं। हालांकि, आरोपियों का कहना है कि उन्होंने रविवार को ही मशीन खरीदी थी।
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पुलिस का कहना है कि आगे की जांच जारी है। पड़ताल की जा रही है कि यह कितने समय से इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त था और किन-किन स्थानों पर इन्होंने लोगों को ठगा है। यह घटना न केवल व्यापारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आज के दौर में ठग तकनीक का इस्तेमाल कर किस हद तक जा सकते हैं।
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