रोहतक। हेलो, रोहतक में मेरी कोई प्रॉपर्टी नहीं है। मैं तो केरल से बोल रहा हूं। प्रॉपर्टी स्वयं प्रमाणित करने के लिए कॉल कर रहे नगर निगम के कर्मचारियों को आजकल ऐसे जवाब मिल रहे हैं।
इतना ही नहीं, एक लाख के करीब प्रॉपर्टी ऐसी हैं, जिनके साथ मोबाइल नंबर ही दर्ज नहीं है। जबकि, प्रदेश सरकार ने निगम प्रशासन को ज्यादा से ज्यादा प्रॉपर्टी स्वयं प्रमाणित करवाने की हिदायत दी है।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2021 में प्रदेश के सभी निकायों में प्रॉपर्टी को लेकर सर्वे कराया था। वर्ष 2011 के सर्वे के तहत नगर निगम क्षेत्र में 1.70 लाख के करीब प्रॉपर्टी थी। नए सर्वे के तहत दो लाख आईडी तय हुई, जो अब बढ़कर 2.20 लाख से ज्यादा हो गई है।
नए सर्वे के बाद 70 प्रतिशत आईडी में त्रुटियां पाई गईं। किसी का नाम, मोबाइल नंबर तो किसी का क्षेत्रफल और लोकेशन गलत मिली। पिछले चार साल से लोग त्रुटियां ठीक करवाने के लिए नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं। प्रदेश सरकार ने प्रॉपर्टी को फाइनल करने के लिए प्रॉपर्टी स्वंय प्रमाणित करने की योजना लागू की है। साथ ही अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे ज्यादा से ज्यादा प्रॉपर्टी स्वयं प्रमाणित करवाएं।
छुट्टी के दिन आए कर्मचारी, साइट रही बंद
नगर निगम की तरफ से प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों की तीन सप्ताह से छुट्टी के दिन ड्यूटी लगाई जा रही है। निगम के नागरिक सुविधा केंद्र में बैठकर कर्मचारी फोन कर प्रॉपर्टी मालिकों से संपर्क करते हैं। इसके बाद ओटीपी पूछकर साइट पर प्रॉपर्टी टैक्स का रिकाॅर्ड अपडेट किया जाता है। शनिवार को शहरी निकाय विभाग की साइट दोपहर तक बंद रही। इसके कारण कर्मचारी खाली बैठे रहे।
78 हजार आईडी स्वयं प्रमाणित, एक लाख के रिकार्ड में नहीं मोबाइल नंबर दर्ज
निगम में 2.20 लाख प्रॉपर्टी आईडी हैं। इनमें 78 हजार प्रॉपर्टी आईडी स्वयं प्रमाणित करवाई जा चुकी है। निगम के पास 40 हजार के करीब प्रॉपर्टी में मोबाइल नंबर दर्ज हैं। बची करीब एक लाख प्रॉपर्टी आईडी में मोबाइल नंबर दर्ज नहीं है। ऐसे में प्रॉपर्टी मालिकों को खुद निगम में आकर प्रॉपर्टी स्वयं प्रमाणित करानी होगी।
प्रॉपर्टी आईडी स्वयं प्रमाणित कराने का कार्य तेजी से चल रहा है। टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों की बैठक में ज्यादा से ज्यादा प्रॉपर्टी स्वयं प्रमाणित करने के लिए कहा गया है। इससे आम उपभोक्ताओं को ही फायदा है।
डॉ. आनंद शर्मा, आयुक्त, नगर निगम