बेटी का वादा याद कर भावुक हो गई मां
पहलवान नीतिका की मां गोगी ने कहा कि इस बेटी पदक को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थी। इसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रही थी। उसने कहा था, मां इस बार पदक जरूर लाऊंगी। यह कहते ही वह भावुक हो गई। मां ने कहा कि इससे पूर्व वह विश्व स्तर पर खेल चुकी है। यहां पदक से चूक गई थी। हमें उस पर नाज है।
चौथी पीढ़ी की पहलवान सविता ने जॉर्डन में बढ़ाया दादा की पगड़ी का मान
पिलाना की सविता ने मंगलवार को एशियन चैंपियनशिप के अपने भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। यह लगातार दूसरे दिन छोटूराम स्टेडियम के अखाड़े की पहलवान का शानदार प्रदर्शन रहा। दूसरी बेटी ने भी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत कर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। बेटी की जीत से परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। पिता सुनील कुमार व ताऊ कृष्ण दलाल ने बेटी के पदक जीतने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि उसकी मेहनत सफल हुई है। वह लगातार कड़ी मेहनत के साथ अभ्यास करती रही है।
सविता ने पहले ही स्पष्ट कर दिए थे इरादे
सविता ने हाल ही में किर्गिस्तान में हुई सब जूनियर एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत कर अपने इरादे पहले की स्पष्ट कर दिए थे। पिछले पांच साल से यह बेटी परिवार की चाैथी पहलवान के रूप में मेहनत कर रही है। इसने अपने दादा की पहलवानी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सम्मान की पगड़ी और ऊंचा करने के साथ सम्मान दिलाया है। हम सब को इस पर गर्व है। परदादा टेकराम दलाल के बाद दादा मुखत्यार सिंह, पिता सुनील पहलवानी में पहचान रखते हैं। अब यह बेटी ने मैदान में उतरी है।
भाई ने भी बनाई कुश्ती में पहचान
सविता के ताऊ कृष्ण दलाल ने कहा कि हमारा परिवार चार पीढ़ियों से पहलवानी से जुड़ा है। मेरे दादा टेकराम कुश्ती के लिए पहचाने जाते थे। उनके बाद पिता मुख्यतयार सिंह ने कुश्ती में नाम कमाया। खुद भी कुश्ती खेला हूं। छोटे भाई सुनील ने भी पहलवानी में अपनी पहचान बनाई। अब चौथी पीढ़ी के बच्चे मैदान में हैं। सविता का भाई अनिल दलाल 92 किलो वर्ग में खेलता है। यह खेलो इंडिया यूथ गेम्स बैंगलोर में स्वर्ण पदक जीत चुका है। इसक अलावा बनारस में कांस्य पदक जीता है।