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हरियाणा का बढ़ाया मान: जॉर्डन में नीतिका और सविता ने जीता सोना, घर में छाई खुशी

Tue, 18 Jul 2023 10:56 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

बेटियों की जीत की खुशी में अखाड़े व परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। जीत के लिए साथी खिलाड़ियों ने इन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
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- नीतिका। पहलवान सविता। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जॉर्डन के अम्मान में 14 से 20 जुलाई होने वाली एशियन चैंपियनशिप में रोहतक की बेटियां छाई हुई हैं। सोमवार को पहलवान नीतिका व मंगलवार को पहलवान सविता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को स्वर्ण पदक दिलाया। छोटूराम स्टेडियम के अखाड़े में कुश्ती के दांवपेच सीख रही इन पहलवानों ने जॉर्डन में हरियाणा का मान बढ़ाया है। 
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कोच मनदीप ने बताया कि चैंपियनशिप में अखाड़े की नीतिका ने 59 किलो भर वर्ग में उज्बेकिस्तान की जाइनबैवा एस को हराकर स्वर्ण पदक जीता है। पिलाना की सविता ने भार वर्ग 62 किलोग्राम में जापान की पहलवान को हरा कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। छोटूराम स्टेडियम के अखाड़े की पहलवानों ने लगातार दूसरे दिन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत कर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। चैंपियनशिप के अंडर-20 आयु वर्ग में हिस्सा लेते हुए दोनों खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन कर जीत का परचम लहाराया।

नीतिका के पहल स्वर्ण पदक से घर में छाई खुशी
मौखरा निवासी नीतिका के एशियन चैंपियनशिप में पहला स्वर्ण पदक जीतने पर गांव में खुशी का माहौल है। परिवार बेटी की उपलब्धि पर खुशी से सराबोर हैं। अपनी यह खुशी परिवार ने घेवर खिलाकर साझा की।
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नीतिका की जीत पर एक-दूसरे को घेवर खिलाकर खुशी मनाते परिवार के सदस्य।

मेरा सपना पूरा कर रही बेटी
मौखरा निवासी दयानंद ने कहा कि तीन बेटियों में नीतिका दूसरे नंबर की है। बड़ी बेटी अंकिता एम्स रायपुर से नर्सिंग का कोर्स कर रही है। छोटी बेटी कल्पना नौवीं कक्षा की छात्रा है। नीतिका एक बार घर से टेस्ट देने गई, मगर टैस्ट न देकर छोटूराम स्टेडियम पहुंच गई। यहां कुश्ती कोच से कुश्ती के दांव पेच सिखाने के लिए कहा। कोच ने अपनी अनुमति देकर उसका पहलवानी का सफर शुरू कराया। मेरा कोई बेटा नहीं है, मगर नीतिका मेरा पहलवानी में नाम कमाने का सपना पूरा कर रही है। खुद राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती खेल चुका हूं, मगर साधनों व मार्गदर्शन के अभाव में खेल छूट गया। अब बेटी को किसी तरह की कमी नहीं आने दूंगा।


बेटी का वादा याद कर भावुक हो गई मां
पहलवान नीतिका की मां गोगी ने कहा कि इस बेटी पदक को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थी। इसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रही थी। उसने कहा था, मां इस बार पदक जरूर लाऊंगी। यह कहते ही वह भावुक हो गई। मां ने कहा कि इससे पूर्व वह विश्व स्तर पर खेल चुकी है। यहां पदक से चूक गई थी। हमें उस पर नाज है।
 

चौथी पीढ़ी की पहलवान सविता ने जॉर्डन में बढ़ाया दादा की पगड़ी का मान
पिलाना की सविता ने मंगलवार को एशियन चैंपियनशिप के अपने भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। यह लगातार दूसरे दिन छोटूराम स्टेडियम के अखाड़े की पहलवान का शानदार प्रदर्शन रहा। दूसरी बेटी ने भी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत कर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। बेटी की जीत से परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। पिता सुनील कुमार व ताऊ कृष्ण दलाल ने बेटी के पदक जीतने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि उसकी मेहनत सफल हुई है। वह लगातार कड़ी मेहनत के साथ अभ्यास करती रही है।

सविता ने पहले ही स्पष्ट कर दिए थे इरादे
सविता ने हाल ही में किर्गिस्तान में हुई सब जूनियर एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत कर अपने इरादे पहले की स्पष्ट कर दिए थे। पिछले पांच साल से यह बेटी परिवार की चाैथी पहलवान के रूप में मेहनत कर रही है। इसने अपने दादा की पहलवानी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सम्मान की पगड़ी और ऊंचा करने के साथ सम्मान दिलाया है। हम सब को इस पर गर्व है। परदादा टेकराम दलाल के बाद दादा मुखत्यार सिंह, पिता सुनील पहलवानी में पहचान रखते हैं। अब यह बेटी ने मैदान में उतरी है।

भाई ने भी बनाई कुश्ती में पहचान
सविता के ताऊ कृष्ण दलाल ने कहा कि हमारा परिवार चार पीढ़ियों से पहलवानी से जुड़ा है। मेरे दादा टेकराम कुश्ती के लिए पहचाने जाते थे। उनके बाद पिता मुख्यतयार सिंह ने कुश्ती में नाम कमाया। खुद भी कुश्ती खेला हूं। छोटे भाई सुनील ने भी पहलवानी में अपनी पहचान बनाई। अब चौथी पीढ़ी के बच्चे मैदान में हैं। सविता का भाई अनिल दलाल 92 किलो वर्ग में खेलता है। यह खेलो इंडिया यूथ गेम्स बैंगलोर में स्वर्ण पदक जीत चुका है। इसक अलावा बनारस में कांस्य पदक जीता है।

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ग्रामीणों ने कांस्य विजेता नितिन का स्वागत किया
एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर गांव राजगढ़ पहुंचने पर विजेता खिलाड़ी नितिन लाठर का ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर ब्राह्मणवास गांव से लेकर जुलाना से होते हुए गांव तक विजेता को जुलूस के साथ ले जाया गया। नितिन ने जॉर्डन के अम्मान शहर में आयोजित एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में 85 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक पर कब्जा जमाकर देश का नाम रोशन किया है।
 

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