रोहतक में प्रदर्शन करता हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
रोहतक में न्यू बस स्टैंड परिसर वर्कशॉप के अंदर सोमवार को हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा ने ऑनलाइन तबादला नीति के खिलाफ 2 घंटे धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने जीएम रोडवेज भारत भूषण गोगिया को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। प्रदर्शन में सभी यूनियन के प्रधान समेत सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया।
सयुक्त कर्मचारी संघ रोहतक डिपो प्रधान दीपक हुड्डा ने बताया कि परिवहन विभाग में 828 परिचालकों, 883 चालकों व 130 लिपिकों की ऑनलाइन ट्रांसफर की गई है। जिसमें रोहतक डिपो से सर्वाधिक 205 कर्मचारियों की ट्रांसफर की गई जिनमें 106 परिचालक, 94 ड्राइवर और 5 लिपिक शामिल हैं। इस ट्रांसफर पॉलिसी में न तो कर्मचारियों से मनपसंद डिपो की च्वाइस ली गई, न ही क्रॉनिक कर्मचारियों को कोई छूट दी गई, न ही कोई कपल केस में छूट दी गई है, न ही नौकरी के अंतिम वर्ष में कार्य कर रहे कर्मचारियों को छूट दी गई है। अगर परिवहन विभाग ने ऑनलाइन पॉलिसी के तहत ट्रांसफर करनी भी थी तो कम से कम मार्च के महीने में करनी चाहिए थी। अब सभी कर्मचारियों के बच्चों के एडमिशन स्कूल व कॉलेजों में हो चुके हैं।
राज्य महासचिव अमित मेहराणा ने बताया कि परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा बार-बार न्यूज पेपरों के माध्यम से बयान जारी कर रहे थे कि हमारा उद्देश्य ऑनलाइन पॉलिसी के तहत कर्मचारियों को उनके घर के नजदीक पहुंचाना है। सरकार के द्वारा कर्मचारियों को उनके घर के पास में न पहुंचा कर इसके विपरीत दुगुनी दूरी पर पहुंचाने का कार्य किया है। उदाहरण के तौर पर एक रोहतक जिले का कर्मचारी जींद डिपो में कार्यरत था तो उसे चंडीगढ़ यमुनानगर पहुंचाया गया है। कोई झज्जर गुड़गांव का कर्मचारी अगर गुड़गांव डिपो में कार्यरत था तो उसे सिरसा, यमुनानगर पहुंचाया गया है।