डीन पार्क पीजीआईएमएस में एमबीबीएस छात्रों ने पत्रकारवार्ता कर बात रखी। कांग्रेस, भाजपा, इनेलो, आम आदमी पार्टी सहित सभी राजनीतिक दल इस बिंदु को अपने घोषणा पत्रों में शामिल करें। मांग की गई है कि एमबीबीएस बॉन्ड कम लोन पॉलिसी पूर्ण रूप से वापस हो।
हरियाणा के के सरकारी व सहायता प्राप्त मेडिकल काॅलेजों के एमबीबीएस विद्यार्थियों ने मांग की है कि हरियाणा की एमबीबीएस बॉन्ड कम लोन पॉलिसी वापस ली जाए। पॉलिसी में एनईईटी (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा में टॉप रैंक लाकर एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को लोन के बोझ तले डाला जा रहा है। मंगलवार को पीजीआईएमएस स्थित डीन पार्क में एमबीबीएस छात्र एकत्रित हुए।
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छात्र पंकज ने कहा कि इस बोझ से हरियाणा के होनहार विद्यार्थी दूसरे राज्यों से एमबीबीएस की पढ़ाई करने को मजबूर हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से 21 दिसंबर 2022 को जारी पॉलिसी बॉन्ड नहीं बल्कि लोन पॉलिसी है।
इसमें आईडीबीआई बैंक 25 लाख रुपये की राशि का लोन (लड़कों के लिए) और 23 लाख रुपये की राशि का लोन (लड़कियों के लिए) देगा। यह लोन विद्यार्थियों को कतई मंजूर नहीं है। ऐसी व्यवस्था देश के किसी अन्य राज्य में नहीं है।
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2022 में विद्यार्थियों और रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल के समय नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस पॉलिसी को वापस करने का वायदा किया था। छात्रों की प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील है की पॉलिसी को पूर्ण रूप से निरस्त करें और अपने घोषणा पत्रों में इसको शामिल करें।