सोनीपत। डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। जिले में मंगलवार को चार नए मरीज मिले हैं। अब तक डेंगू के 42 मरीज सामने आ चुके हैं।
अधिकतर ग्राम पंचायतों के पास फॉगिंग मशीन नहीं है। जिले में 316 ग्राम पंचायत हैं, इनमें महज 170 फॉगिंग मशीनें है। यानि 146 ग्राम पंचायत फॉगिंग मशीनों से वंचित हैं। इस बार बारिश ज्यादा होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी भर गया है, इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। ऐसे में विकास एवं पंचायत विभाग ने ग्राम पंचायतों को फॉगिंग करवाने के निर्देश दिए हैं। मशीनों की कमी के कारण अधिकतर पंचायतें फॉगिंग कराने में सक्षम नहीं है।
बारिश के सीजन में डेंगू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मंगलवार को सोनीपत शहर के कबीरपुर, मॉडल टाउन व न्यू जीवन विहार तथा बहालगढ़ में डेंगू पीड़ित मरीज मिले। इनमें 4 वर्षीय और 11 वर्षीय बच्ची भी शामिल हैं। मरीजों के रक्त के नमूनों की जांच जिला नागरिक अस्पताल के डेंगू लैब में हुई थी। चारों मरीज अपने घर पर ही है।
एमपीएचडब्ल्यू के 9 पद खाली
डेंगू को लेकर शहर की कई कालोनियां व कई गांव संवेदनशील हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए 164 टीम गठित कर रखी हैं। इनमें 56 स्वास्थ्य निरीक्षक, 173 बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एमपीएचडब्ल्यू) शामिल हैं। गांव आनंदपुर झरोठ, नाथूपुर, किडौली, नांगल कलां, कुंडली, बहालगढ़, मनौली, पलड़ी कलां व मलिकपुर में एमपीएचडब्ल्यू के पद खाली है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार सर्वे कर रही है। बारिश के मौसम में पानी में लार्वा मिल रहा है और विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही है।
किया जा रहा दवा का छिड़काव
बारिश का पानी जहां भर जाता है, उसमें मच्छर पनपने लगते हैं। मच्छर का लार्वा खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अब घरों में इंडोर अवशिष्ट छिड़काव (आईआरएस) किया जा रहा है। इसके लिए मुख्यालय से 15 किलो डेल्टामेथ्रिन दवा मिल चुकी है।
15 मरीजों के रक्त के नमूने लिए
उप स्वास्थ्य केंद्र की तरफ से गुहणा में घर-घर सर्वे किया गया। स्वास्थ्य निरीक्षक संसार के नेतृत्व में एमपीएचडब्ल्यू अजीत सिंह, नवीन कुमार, पवन कुमार व आशा कार्यकर्ता रविता की टीम ने कूलरों, मटकों, गमलों व टायरों में भरे पानी में लार्वा चेक किया। साथ ही बुखार के 15 मरीजों के रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए डेंगू लैब में भेजा। इसके बाद गड्ढों में पानी में काला तेल डलवाया और लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए एहतियात बरतने को कहा गया।
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डेंगू के चार नए मरीज मिले है। मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 42 हो गया है। घर-घर सर्वे करके इंडोर अवशिष्ट छिड़काव कराया जा रहा है। मरीज मिलने पर उस क्षेत्र में फॉगिंग भी कराई जा रही है।
डॉ. आशा सहरावत, जिला मलेरिया अधिकारी
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लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए पंचायतों को फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए है। बीडीपीओ (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी) से संपर्क कर मशीन ले सकते हैं।
जितेंद्र कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी