06 - रोहतक में शुक्रवार को रेलवे रोड स्थित दुकान पर साड़ी देखते ग्राहक। संवाद
रोहतक। नवरात्र के अवरस पर पारंपरिक परिधानों की चमक फिर बाजार में लौट आई है। खास तौर पर हाथ से बनी कांजीवरम साड़ी की मांग बढ़ गई है। खरीदार मंदिरों और त्योहारों के लिए इन रेशमी साड़ियों को पसंद कर रहे हैं। रंग बिरंगे डिजाइन, शुद्ध रेशम और हस्तकला की बारीक कारीगरी ने दुकानदारों में रौनक बढ़ा दी है। गरबा व डांडिया के लिए महिलाएं इन खास साड़ियों को खूब पसंद कर रही हैं।
बाजार में इस समय बनारसी, जीमीचु फैब्रिक, ऑर्गेंजा, शिमर फैब्रिक की साड़ियों की डिमांड में उछाल आया है। बाजार में सामान्य वर्ग के लिए ये साड़ियां 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक उपलब्ध है।
वहीं, बाजार में हाथ से बनी साड़ियां ग्राहकों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। बाजार में हाथ से बनी साड़ियों में कांजीवरम, कलमकारी, टीशू फैब्रिक, चीनोन प्रकार की की साड़ियां उपलब्ध हैं। कोलकाता में हाथ से बनी कांजीवरम साड़ी की कीमत करीब 12 हजार है। बाजार में 60 हजार तक भी यह साड़ियां मिल रही हैं। विक्रेताओं ने बताया कि जीएसटी का ग्राहकों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
साड़ी विक्रेता अशोक तायल ने बताया कि नवरात्र के बाद से ही कपड़ा बाजार में उछाल आया है। साल में त्योहारों का इंतजार रहता है। उनके पास कोलकाता में हाथ से बनी फैब्रिक साड़ियां उपलब्ध हैं जो काफि पसंद की जा रही हैं।
विक्रेता अंशु ने बताया कि इस समय सामान्य वर्ग की साड़ियों की डिमांड में तेजी आई है। बाजारों में यह साड़ियां करीब 2500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक के मूल्य में बिक रही हैं। संवाद