रोहतक जेल रेडियो स्टेशन में आरजे बनेगा राम रहीम।
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रोहतक की सुनारिया जेल में प्रबंधन ने तिनका-तिनका फाउंडेशन की मदद से रेडियो सेवा शुरू की है। इसके लिए 10 कैदियों को रेडियो जॉकी बनाने का प्रशिक्षण दिया है। पांच और कैदियों को रेडियो जॉकी का प्रशिक्षण दिया जाना है। इस दूसरी सूची में डेरा सिरसा प्रमुख राम रहीम का नाम भी शामिल है।
इस प्रोजेक्ट के तहत जिनको रेडियो जॉकी के लिए चयनित कर प्रशिक्षित किया गया है। उनकी शिक्षा, शौक व आवाज को ध्यान में रखा गया है। राम रहीम के पुराने अनुभव व भजन गाने के शौक को देखते हुए उसका चयन किया गया है। इस समय जेल में 1016 विचाराधीन व 607 सजायाफ्ता कैदी हैं। जेल के भीतर ही एक स्टूडियो बनाया गया है। इसके साथ ही प्रमुख प्वाइंट व बैरक के पास स्पीकर लगाए गए हैं।
सुबह जेल खुलने के बाद इसे शुरू किया जाता है। कैदियों की ओर से अपने गाने व भजन की फरमाइश की जाती है। जिसे आने वाले समय पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। यह सेवा गुरुवार से अधिकारिक रूप से चालू हो गई है।
जेल में मिलाई बंद होने व कोरोना संक्रमण बढ़ने पर कैदियों के लिए बड़ा आसरा
तीन माह से तिनका-तिनका फाउंडेशन की ओर से इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। महानिदेशक जेल के सेल्व राज की ओर से सेवानिवृत्त होने के एक दिन पहले इसे लांच किया गया है। उनका मानना है कि कोरोना काल में कैदी बहुत अवसाद में हैं। न मिलाई हो रही है और न ही बाहर की दुनिया की उनको कोई जानकारी है। टेलीविजन के अतिरिक्त उनके पास कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में रेडियो उनके लिए बड़ा सहारा बन सकता है।
जेल में रेडियो सेवा शुरू हो गई। इसमें कैदियों की प्रतिभा को निखारने का मौका मिलेगा। जेल में 10 कैदियों को उनकी आवाज, शौक व शिक्षा के आधार पर रेडियो जॉकी बनने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अगली सूची में रेडियो जॉकी बनाने के लिए गुरमीत राम रहीम का नाम आया हुआ है। फाउंडेशन की ओर से जल्द ही प्रशिक्षित किया जाएगा। - सुनील सांगवान, जेल अधीक्षक, सुनारिया, रोहतक
जेल के भीतर रेडियो सेवा शुरू होने से कैदियों के अवसाद को खत्म करने के साथ ही उनकी प्रतिभा को निखारने का काम फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है। आने वाले समय में इस सेवा को कैदियों के हित में और बेहतर किया जाएगा। -डॉ. वर्तिका नंदा, संस्थापक, तिनका-तिनका फाउंडेशन