रेवाड़ी। अनाज मंडी में वीरवार से बाजरे की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। जिन किसानों की मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर भूमि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वे उपज लेकर मंडी में आएंगे। बिना सत्यापन खरीद नहीं होगी। ऐसे में खरीद प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही भूमि सत्यापन की प्रक्रिया उलझन बन रही है।
मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर जिले में अब तक पूरी भूमि का सत्यापन नहीं हो पाया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 73,915 एकड़ क्षेत्र के सत्यापन में अब तक 54,111 एकड़ क्षेत्र का सत्यापन पूरा हो चुका है। 19,803 एकड़ क्षेत्र का सत्यापन अभी लंबित है। कुल सत्यापन प्रगति 73.2 प्रतिशत दर्ज की गई है।
इस बार पोर्टल पर दर्ज भूमि का सत्यापन सरकारी खरीद प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही किसान की फसल और भूमि से संबंधित रिकॉर्ड की पुष्टि होती है। बाजरे की खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण और भूमि का सत्यापन जरूरी होने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
यदि भूमि सत्यापन पूरा नहीं है तो किसानों को सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी फसल बेचने में दिक्कत आ सकती है। वहीं, कृषि विभाग और संबंधित अधिकारी शेष भूमि का सत्यापन जल्द पूरा करवाएं, ताकि खरीद शुरू होने के समय किसी किसान को परेशानी न हो।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग व राजस्व विभाग की ओर से पोर्टल पर दर्ज भूमि के सत्यापन का कार्य जारी है। अधिकारियों का कहना है कि शेष भूमि का सत्यापन भी जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे पोर्टल पर अपने पंजीकरण और भूमि संबंधी विवरण की जांच करने के बाद ही अपनी उपज को मंडी में लेकर आएं।
पिछले वर्ष 57 हजार किसानों ने 2 लाख 22 हजार एकड़ में पंजीकरण कराया था। इस वर्ष करीब 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बाजरे की बोआई की गई है। सरकार ने इस वर्ष बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,900 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि मंडी में व्यापारियों द्वारा इसे 2,100 से 2,250 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा जा रहा है। पिछले वर्ष 10 लाख क्विंटल बाजरा की आवक हुई थी।
जियो फेंसिंग से बनेगा गेट पास, बायोमीट्रिक सत्यापन भी अनिवार्य
मंडियों में बाजरा बिक्री की व्यवस्था इस बार तकनीकी रूप से बदली गई है। मंडी परिसर की जियो फेंसिंग के दायरे में ट्रैक्टर-ट्रॉली पहुंचने पर ही ऑनलाइन गेट पास जनरेट होगा। गेट पर किसान और फसल की लाइव फोटो लेकर इसे मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद किसान को बायोमीट्रिक डिवाइस पर अंगुली लगाकर सत्यापन कराना होगा। पोर्टल पर किसान का नाम, जमीन का रकबा और फसल संबंधी रिकॉर्ड मिलान के बाद ही गेट पास जारी किया जाएगा।
वर्जन:
उपज लेकर मंडी आने से पहले किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी भूमि के सत्यापन के बारे में जांच कर लें। अगर पोर्टल पर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो ही उपज लेकर मंडी में आएं। इस समय भूमि की सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। किसी भी परेशानी से बचने के लिए किसान अपने आवश्यक दस्तावेज जरूर लेकर आएं।-नरेंद्र कुमार, मार्केट कमेटी सचिव रेवाड़ी