दवाओं की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दुकानदारों को दुकानों के बाहर दवाओं के सरकारी रेट चस्पा करने होंगे। उक्त बातें उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कही। कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर कोरोना बचाव कार्यों की समीक्षा की। बैठक में ड्यूटी मजिस्ट्रेट-कम-इंसिडेंट कमांडर, पीजीआई और सामान्य अस्पताल के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
उपायुक्त ने आपात स्थिति आने पर किए जाने वाले प्रबंधों के लिए निर्देश जारी किए। उन्होंने कड़े शब्दों में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कहीं भी दवाओं की कालाबाजारी न हो। सरकार ने दवाओं के जो रेट निर्धारित किए हैं, उनकी सूची दुकानों के बाहर लगाई जाए। उन्होंने निजी अस्पतालों को निर्देश दिए कि आपात स्थिति के लिए बेड आरक्षित रखें। उपायुक्त ने बताया कि पिछली बार कोरोना संक्रमण के दौरान जो कोविड केयर सेंटर बनाए गए थे, उन्हें दोबारा शुरू कर दिया गया है। ताकि लोगों को समय पर सही और सुरक्षित इलाज मिल सके। कम संक्रमित जो लोग पीजीआई में दाखिल हैं, उनकी पहचान की जा रही है। ताकि उन्हें सामान्य अस्पताल, सीएची, पीएचसी और आइसोलेशन सेंटरों में भेजा जा सके। इसे आपात स्थिति में गंभीर मरीजों को पीजीआई में दाखिल किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में हरिद्वार गए लोगों को ट्रैक किया जा रहा है, उसके बाद उनकी जांच करवाई जाएगी।
होम क्वारंटीन वालों की सूची उपलब्ध कराएं
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने सभी इंसिडेंट कमांडर को निर्देश दिए कि दो दिन में उन्हें होम क्वारंटीन हुए लोगों की सूची उपलब्ध करवाएं। यह भी बताएं कि प्रशासन की ओर से उन्हें क्या सुविधाएं दी गई हैं। अधिकारी खुद मरीजों या परिजनों से मिल कर यह जानकारी लें ताकि उन्हें समय से जरूरी चीजें मुहैया करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि जिन विभागों का भी फील्ड में काम है, वे किसी भी कार्यक्रम में लोगों को कोरोना से बचाव की हिदायतों के बारे में जागरूक करें।
प्रशासन के पास हैं पर्याप्त इंतजाम
उपायुक्त ने कहा कि हालांकि पहले की अपेक्षा मरीजों की वृद्धि दर ज्यादा है। लेकिन लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि प्रशासन के पास पर्याप्त इंतजाम हैं। भविष्य में मरीजों की संख्या को देखते हुए पर्याप्त बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन, आइसोलेशन सेंटर और आपात सेवाएं उपलब्ध हैं। रोहतक की स्थिति दूसरे जिलों से बेहतर है पर चीजें बेकाबू होने में समय नहीं लगता। इसलिए सावधानी बरतें, मास्क लगाएं, सामाजिक दूरी बनाएं, भीड़ वाली जगहों पर न जाएं। उन्होंने दुकानदारों से अपील की कि वे भीड़ न होने दें। बैठक में निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा, एडीसी महेंद्र पाल, एडिशनल एसपी नरेंद्र कादियान, एसडीएम मेजर गायत्री अहलावत, श्वेता सिहाग व राकेश सैनी, चीनी मिल के एमडी मानव मलिक, सीटीएम ज्योति मलिक, डीआरओ पूनम बब्बर, सीएमओ डॉ. अनिल बिरला भी मौजूद थे।