रबी सीजन की फसलों की अधिकारिक खरीद शुरू हुए 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन खाद्य आपूर्ति विभाग अब तक लिफ्टिंग की समस्या दूर नहीं कर सका है। शनिवार शाम तक विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 44 प्रतिशत गेहूं की ही लिफ्टिंग हो सकी थी।
शनिवार और रविवार को फसलों की खरीद नहीं हुई। लेकिन किसान अपनी फसल लेकर आढ़तियों के पास पहुंचे। वह फसल सोमवार को बिकेगी तो लिफ्टिंग का आंकड़ा फिर बदल जाएगा। शुरू से ही उठान एक समस्या बना हुआ है। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को बैठक में निर्देश भी दिए, लेकिन अब तक लिफ्टिंग पटरी पर नहीं आई है। मंडी में हर जगह गेहूं की ढेरियां और बोरियां लगी हैं। एक बार बारिश हो चुकी है, आने वाले समय में फिर बारिश की संभावना जताई जा रही है। इस बार कोरोना के चलते यूपी और बिहार से आने वाले लेबर नहीं आए। आढ़तियों ने स्थानीय स्तर पर ही श्रमिकों का इंतजाम किया, सभी आढ़तियों के पास लेबर बहुत कम है। दूसरी समस्या यह है कि ये मजदूर स्किल्ड नहीं हैं। लोडिंग के अनुभवी मजदूरों की तुलना में इनके काम की रफ्तार बहुत सुस्त है। दूसरी समस्या गाड़ियों की आ रही है, ट्रांसपोर्टरों के पास गाड़ियां काफी कम हैं। इस कारण भी उठान में देरी हो रही है। सरकार ने फसल ले जाने वाली गाड़ियों के लिए ई-गेट पास की व्यवस्था की थी। उसमें तकनीकी समस्या आ गई। आढ़तियों ने शिकायत की तो कुछ समय के लिए मैनुअल गेट पास बनवाने की इजाजत दे दी गई। लेकिन उसके बाद ई-गेट पास फिर जरूरी कर दिया गया। अगर किसी ने ई-गेट पास नहीं बनवाया है, मैनुअल गेट पास बनवाकर माल गोदाम में भिजवा दिया तो उसका पेमेंट तब तक जारी नहीं होगा, जब तक सारा ब्योरा पोर्टल पर नहीं चढ़ाया जाता है। हैफेड के कर्मचारी पहले उसी समय के गेट पास बनाने में लगे रहते हैं, पुराना ब्योरा अपलोड करने का उनके पास समय नहीं है। ऐसे में आढ़तियों को चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
अब तक हुई 125721 एमटी गेहूं की खरीद
जिले की मंडियों में शुक्रवार रात तक 125721 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। शनिवार और रविवार को कोई खरीद नहीं हुई। अब तक मंडियों में 12238 गेट पास जारी किए गए हैं।
लिफ्टिंग में पहले से काफी सुधार है, अब जिले में स्थिति सामान्य हो गई है। मजदूरों या ट्रांसपोर्ट की समस्या भी अब नहीं है। जल्द ही स्थिति में और सुधार होगा।
- नरेश कुमार, जिला खाद्य आपूर्ति कंट्रोलर