हरियाणा और दिल्ली में राजेश बवाना व नीरज बवाना गिरोह के गुर्गों के बीच कभी भी गैंगवार हो सकती है। दिल्ली की जेल में बंद एक-दूसरे के दुश्मन नीरज बवाना और भौंडसी की जेल में बंद राजेश बवाना ने जेल से ही अपने गुर्गों को एक माह पहले खून खराबा करने के निर्देश दिए हैं। यह खुलासा सीआईए 2 द्वारा पकड़े गए राजेश बवाना गिरोह के चार बदमाशों ने पूछताछ में किया है। इसके लिए दोनों गिरोह के गुर्गों ने हाल ही में यूपी से हथियार भी खरीदे हैं। रोहतक पुलिस खून खराबा रोकने के लिए दिल्ली पुलिस को भी पत्र भेजेगी।
यह था मामला
सीआईए 2 प्रभारी आजाद सिंह की टीम ने शुक्रवार को खरड़ गांव के पास से राजेश बवाना गिरोह के 25 हजार के इनामी दिल्ली के मदनपुर निवासी हरविंद्र, माडोढी निवासी 25 हजार के इनामी अजीत, दिल्ली के कुतुबगढ़ निवासी जैकी और झज्जर के गोला के रहने वाले संदीप को गिरफ्तार किया था। बदमाशों के पास से पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए थे। पुलिस चारो बदमाशों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही थी।
बता दें कि नीरज और राजेश बवाना दिल्ली के इनामी बदमाश रहे हैं। नीरज वर्तमान में दिल्ली जबकि राजेश भौंडसी जेल में बंद है। दोनों के अपने-अपने गिरोह हैं। गिरोह में हरियाणा के अलावा यूपी, दिल्ली के पचास से अधिक गुर्गे शामिल हैं। जो लूट से लेकर रंगदारी, हत्या की वारदात को अंजाम देते हैं । प्रॉपर्टी पर कब्जा करने को लेकर भी दोनों गिरोह जाने जाते हैं। दोनों के बीच पिछले करीब तीन साल से दुश्मनी चली आ रही है। एक दूसरे के क्षेत्र में वारदात को अंजाम देने को लेकर दोनों के गुर्गों के बीच दिल्ली में तीन बार खून खराबा भी हो चुका है।
जेल से ही एक माह पूर्व दिए थे निर्देश
गिरोह के पकड़े गए गुर्गों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि एक माह पूर्व ही राजेश बवाना ने जेल में मिलने के लिए पहुंचे गिरोह के गुर्गों से कहा कि नीरज बवाना गिरोह के गुर्गों को जहां भी मिले खत्म कर दो। इसके लिए गुर्गों ने यूपी के मुजफ्फरनगर से हथियार भी खरीदे थे। खुलासा होने के बाद पुलिस में भी हड़कंप मचा हुआ है।
अपडेट होती है नीरज और राजेश की आईडी
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आया है कि नीरज और राजेश की फेसबुक आईडी को हर दूसरे दिन अपडेट किया जाता है। अब जेल से आईडी को अपडेट किया जाता है या फिर कोई और कर रहा है, पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।
तीन बार सुलह कराने का प्रयास रहा नाकाम
गुर्गों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि नीरज और राजेश के बीच तीन बार सुलह कराने का प्रयास किया गया मगर हर बार प्रयास नाकाम ही रहा। यही कारण है कि आए दिन दोनों गिरोह के गुर्गे एक दूसरे को धमकी भी देते रहते हैं।
राजेश बवाना के फरार चल रहे गिरोह के गुर्गों की तलाश में छापामारी की जा रही है। जल्द ही गुर्गों को दबोच लिया जाएगा। खून खराबे को लेकर दिल्ली पुलिस को भी पत्र भेजा जाएगा।
- आजाद सिंह, सीआईए 2 प्रभारी