इसरो के अहमदाबाद के सेंटर (सैक) के वैज्ञानिक प्रबल मुंजाल ने अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान यह बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 व गगनयान के लिए अपना योगदान साझा किया। कहा कि चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग यादगार रही।
इसरो अब गगनयान के जरिए अंतरिक्ष में नए कीर्तिमान रचने जा रहा है। यह जनवरी के पहले पखवाड़े में अंतरिक्ष के लिए उड़ान भर सकता है। पहली बार यह यान अपने साथ एक रोबोट को भी लेकर उड़ेगा। इंसान की तरह दिखने वाले रोबोट को गगनयान में ले जाने की तैयारी चल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की तकनीक से तैयार रोबोट का संपर्क वैज्ञानिकों के साथ रहेगा। इसरो के अहमदाबाद के सेंटर (सैक) के वैज्ञानिक प्रबल मुंजाल ने अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान यह बातें साझा कीं।
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चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग यादगार
उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 व गगनयान के लिए अपना योगदान साझा किया। कहा कि चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग यादगार रही। स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (सैक) ने इसमें लैंडर कैमरा, अल्टीमीटर, ऑर्बिटर के मिरर व कंपोनेंट्स के फैब्रिकेशन तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। अब गगनयान पर काम चल रहा है। पहली बार आकाश में रोबोट भी जाएगा। इसके लिए गगनयान को खास तौर पर तौर किया जा रहा है।
गगनयान को संवारने में जुटे सैक के वैज्ञानिक रोबोट के हिसाब से इसका डिजाइन तैयार कर रहे हैं। इसमें हवाई जहाज की तर्ज पर सीट लगाई जाएगी। नवंबर 2023 से फरवरी 2024 के बीच गगनयान रोबाेट को लेकर उड़ान भरेगा। इसकी संभािवत उड़ान जनवरी के पहले पखवाड़े में भी हो सकती है। गगनयान रोबोट के साथ आकाश की ऊंचाइयों या अंतरिक्ष की गहराई में पहुंचकर नया इतिहास बनाएगा।