रोहतक। पीजीआई में चार साल पहले फर्जी सामाजिक-आर्थिक प्रमाण पत्र देकर नौकरी लगे व बाद में बर्खास्त हो चुके तकनीकी सहायक रघबीर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। इसके लिए पीजीआई निदेशक कार्यालय की तरफ से शिकायत दी गई थी।
निदेशक कार्यालय की तरफ से थाने में दी शिकायत में बताया गया है कि 2019 में रघबीर सिंह का लैब तकनीकी सहायक के तौर पर चयन हुआ। आरोपी ने बीसी-ए श्रेणी के तहत आवेदन किया था। आरोपी को सामाजिक-आर्थिक आधार पर 5 अंक भी मिले थे। उसे माइक्रोबायोलॉजी विभाग में ज्वानिंग दी गई। कागजात की जांच की गई तो तकनीकी सहायक के पिता सेना से रिटायर मिले। पत्र जारी कर आरोपी की पहले ही सेवाएं समाप्त कर दी गई थी। एसपी को केस दर्ज करने के लिए पत्र लिखा गया था। पुलिस ने अब मामला दर्ज किया है।