नए बस स्टैंड से चल रही नगर निगम की चार सिटी बसों की करीब पौने तीन लाख रुपये पार्किंग फीस परिवहन विभाग बस ठेकेदार से मांग रहा है। इसके लिए विभाग पूर्व में दो बार नोटिस भेज चुका है व हाल में एक नया नोटिस भेजने की तैयारी में है। वहीं बस ठेकेदार का कहना है कि वह प्रत्येक माह हजारों रुपये नगर निगम को जमा करवाता है। बसों की पार्किंग की व्यवस्था नगर निगम की जिम्मेदारी है। नगर निगम मेयर का कहना है कि पार्किंग संबंधित इंतजाम टेंडर में शामिल नहीं हैं। फीस जमा न करवाने के संबंध में रोडवेज मार्च से लगातार ठेकेदार को पार्किंग फीस जमा करवाने के लिए अवगत करवा रहा है। ठेकेदार की तरफ से 10 मई को रोडवेज को पार्किंग फीस माफ करने के लिए पत्र लिखा गया। रोडवेज ने 13 मई को पार्किंग फीस जमा करवाने के लिए ठेकेदार को पहला नोटिस भेजा। 12 जुलाई को दूसरा नोटिस भेजा। अब तक फीस जमा न होने के कारण रोडवेज प्रशासन तीसरी बार नोटिस भेजने की तैयारी में जुटा हुआ है। संवाद
यह है पार्किंग फीस का गणित -
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार निगम की तीन सिटी बसें मई 2021 से नया बस स्टैंड से चलाई जा रही हैं। एक बस बाद में चलाई गई है। 2021 के मई व जून महीने की एक बस की कुल फीस 4248 रुपये लगाई गई है। वर्ष 2021 जुलाई से एक बस का एक महीने की पार्किंग फीस 2700 रुपये के हिसाब से चार्ज की गई व वर्ष 2022 में एक माह की एक बस की फीस 2820 रुपये लगाई गई है। समय पर पार्किंग फीस जमा न करवाने पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। एक बस का अब तक का कुल 86660 रुपये बनते हैं। बाद में चलाई गई बस की फीस 15256 रुपये बनती है। सभी चारों बसों की कुल फीस 275236 रुपये बनती है जो कि ठेकेदार को परिवहन विभाग को जमा करवानी है।
सीएनजी का रेट हुआ दोगुना , किराया नहीं बढ़ा रहा निगम -
बस ठेकेदार भीष्म शर्मा ने बताया कि सिटी बसों के संचालन के लिए हुए टेंडर के समय शहर में सीएनजी का रेट 54 रुपये था। हाल में सीएनजी का रेट 99.50 रुपये हो चुका है। ऐसे में बसें लगभग बिना मुनाफे के चलाने के लिए मजबूर हैं। पुराना बस स्टैंड से बलियाना के रुट पर चलने वाली बस का किराया 15 रुपये सवारी करने के लिए निगम को गुहार लगा चुके हैं। लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं किया गया है। इस रुट पर चलने वाली बस पर रोजाना करीब चार हजार की सीएनजी खर्च होती है और किराया मात्र करीब तीन हजार ही मिलता है।
टेंडर में नहीं है पार्किंग उपलब्ध करवाने का जिक्र -
बसों को नए बस स्टैंड में खड़ा करना व वहां से संचालन करना बस ठेकेदार का स्वयं का फैसला है। बसों के संचालन के टेंडर में पार्किंग उपलब्ध करवाने का कोई जिक्र नहीं है। निगम ने 10 रुपये प़्रति सवारी किराए की शर्त पर बसें चलाने की अनुमति दे रखी है। बसें साफ-सुथरी व बढ़िया हालत में होनी जरुरी हैं।
मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम
हर माह निगम में जमा करवा रहा हूं 95 हजार रुपये -
बस संचालन का टेंडर नगर निगम से ले रखा है। हर माह प्रत्येक बस के 16100 रुपये व अतिरिक्त 18 प्रतिशत जीएसटी नगर निगम में जमा करवा रहा हूं। करीब 95 हजार रुपये जमा करवाने के बाद भी नगर निगम पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवा रहा है। बसों की पार्किंग को लेकर निगम प्रशासन से कई बार शिकायत कर चुका हूं।
भीष्म शर्मा, ठेकेदार, सिटी बस सेवा
बस ठेकेदार को पार्किंग फीस जमा करवाने के लिए बार बार अवगत करवाया जा चुका है। दो बार इस संबंध में नोटिस भी भेज चुके हैं। अब तक कुल फीस 275236 रुपये बकाया है जिसे जमा नहीं करवाया गया है। जल्द ही एक और नोटिस भेजेंगे। -जयवीर हुड्डा, एसएस, रोडवेज डिपो