रोहतक। राजस्थान के झालवाड़ा में 25 जुलाई को चार दशक पुराने स्कूल की छत गिरने से 7 मासूम बच्चों की मौत की घटना दिल दहलाने वाली है। रोहतक जिले में भी 400 से अधिक सरकारी स्कूलों में से 77 ऐसे विद्यालय हैं जिन्हें कंडम घोषित किया जा चुका है। राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला में तो बारिश के दिनों में पहले शिक्षक-बच्चे पानी निकालते हैं, फिर स्कूल में पढ़ाई होती है।
बुधवार को रोहतक के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक सुखपुरा चौक और गोहाना रोड पर हनुमान कॉलोनी स्थित राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला की पड़ताल की गई तो स्कूलों की हालत बेहद दयनीय मिली। इन स्कूलों के भवन जर्जर हो चुके हैं। कहीं छत से प्लास्टर गिरता रहता है तो कहीं ड्यूल डेस्क की कमी है। बरामदे और खुले आकाश के नीचे लगने वाली कक्षाओं में बैठकर पढ़ना बच्चों की मजबूरी बन गई है।
वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुखपुरा चौक के शिक्षकों ने बताया कि भवन को कंडम घोषित करने के लिए कई बार अधिकारियों को फाइल भेजी जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। स्कूल के चार कमरे अभी प्रयोग में हैं। स्कूल में बारिश के समय पानी भर जाता है। फिलहाल पानी निकासी के इंतजार किए गए हैं।
दीवार पर लगी है फंफूंदी, उग आई हैं झाड़ियां
विद्यालय की अरसे से न तो मरम्मत हुई है और न ही रंग रोगन। इस कारण छत व दीवार से प्लास्टर झड़कर गिर रहा है। दीवारों पर सीलन व फंफूंदी लगी है। भवन की छत पर घास व झाड़ियां उगी हुई हैं। जर्जर भवन कंडम घोषित होने के कारण विद्यार्थियों के लिए कमरे कम पड़ गए हैं। हालात ये हैं दो शिफ्ट में स्कूल चलाना पड़ रहा है।
सड़क से नीचे चला गया राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला
हनुमान कॉलोनी स्थित राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला के भवन का 1996 में निर्माण हुआ था। 2023 अगस्त को भवन कंडम घोषित हो चुका है। स्कूल का भवन सड़क से नीचे चला गया है। बारिश होते ही कक्षा में पानी भर जाता है। शिक्षक और छात्राएं पहले स्कूल का पानी बाहर निकालती हैं फिर पढ़ाई करती हैं।
-स्कूल का भवन जमीन से नीचा हो गया है। इस कारण बारिश में पानी भर जाता है। इन कमरों की जगह नए कमरे बनवाने व समस्या के बारे में कई बार अधिकारियों को लिखा गया है। ड्यूल डेस्क के लिए भी कई बार पत्राचार किया गया है।
-प्रवीण कुमार, हेड, राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला, हनुमान कॉलोनी।
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-स्कूल के दो कमरे जर्जर हैं। इन्हें कंडम घोषित करने के लिए कई बार अधिकारियों को फाइल भेजी जा चुकी है। चार कमरे अभी प्रयोग होने की स्थिति में हैं। स्कूल में पानी भर जाता है। इसकी निकासी के इंतजार किए गए हैं।
-उषा रानी, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुखपुरा चौक।
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क्या बोले अधिकारी-
-जिले के स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। कंडम भवनों को ध्वस्त कर दिया गया है। कुछ कंडम स्कूलों की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। वहां से मिले आदेश के तहत कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्कूल का प्रस्ताव विभाग के पास लंबित नहीं है। स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक हैं। पढ़ाई कराई जा रही है। विभाग स्कूल सेफ्टी ऑडिट के तहत अगले सप्ताह जांच करेगा। कंडम भवन में विद्यार्थियों के बैठने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
-मनजीत मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी रोहतक।
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सुखपुरा चौक स्कूल का रिपोर्ट कार्ड
-कुल विद्यार्थी- 990
-शिक्षकों के स्वीकृत पद-33
-शिक्षकाें रिक्त पद-0
-स्कूल में कितने कमरे हैं- 11
-कितने कमरे कंडम हैं-2
-कक्षाएं लगती हैं- 2 शिफ्ट में
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राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला हनुमान कॉलोनी
कुल विद्यार्थी- 220
स्कूल में कक्ष- 4
कमरों की जरूरत- 3
शिक्षकों के स्वीकृत पद- 8
शिक्षकों के रिक्त पद-0