वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने दंगों को लेकर कांग्रेस पर फिर निशाना साधा है। आरोप लगाया कि जाट आरक्षण आंदोलन की हिंसा सोची समझी साजिश थी। भगवान इसके आरोपियों को कम से कम 100 वर्ष की आयु दें, ताकि वे अपने कर्मों की सजा भुगतें। वैसे भी गलत काम करने वाला कोई भी व्यक्ति जनता और परमात्मा से नहीं बच सकता।
कैप्टन शनिवार शाम को शौरी क्लॉथ मार्केट में द रोहतक होल सेल क्लाथ मर्केंटाइल एसोसिएशन में आयोजित एक कार्यक्रम में व्यापारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सीएम मनोहर लाल खट्टर ने हरियाणा एक और हरियाणवीं एक का नारा दिया था। भाजपा का डेढ़ साल का कार्यकाल सही चल रहा था और यही बात कांग्रेसियों को हजम नहीं हुई।
जब कांग्रेस एक सुई की नोंक जितनी भी कमी नहीं निकाल सकी तो प्रदेश में तबाही मचवा दी। उनके घर में आग लगाने वालों की पहचान हो चुकी है और हो रही है। यदि पड़ोसी मदद न करते तो उनके परिवार वालों को बचाना भी मुश्किल था। यह सब कांग्रेस की तड़फ थी कि अब तक उन्होंने राज किया और सत्ता अब मनोहर लाल खट्टर, कैप्टन अभिमन्यु, मनीष ग्रोवर के हाथों कैसे चली गई। लेकिन यह भी सच है कमजोर और कायर के पांव नहीं होते। हमें ऐसे लोगों को उखाड़ना आता है और उखाड़ भी देंगे।
2 लाख से अधिक पेंशनधारक मिले फर्जी
वित्त मंत्री ने कहा कि मैं सरकार का मुनीम हूं, इसलिए सारा हिसाब रखता हूं। आधार कार्ड बनाने के मामले में हरियाणा देश में सबसे आगे है। यह ऐसा दस्तावेज है, जिससे फर्जीवाडे़ को रोका जा सकता है। पिछली सरकार के कार्यकाल में 2 लाख से भी अधिक फर्जी पेंशनधारक थे। इससे सरकार को सालाना 350 करोड़ रुपये का घाटा होता था। आधार कार्ड के माध्यम से इनका पता चला और इन पर कार्रवाई कर रद्द कर दिया गया। इसके बाद लगभग 2 लाख नये योग्य लोगों की पेंशन बनाई गई। अब राज्य में 23 लाख से भी अधिक लोगोें को प्रतिमाह 1400 रुपये पेंशन दी जा रही है।
स्कूलों में 4 लाख बच्चों का रिकॉर्ड फर्जी
पिछली सरकार में स्कूलों में भी यही हाल था। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का कोई रिकॉर्ड नहीं था और जांच में लगभग 4 लाख बच्चों का रिकार्ड झूठा मिला। इन बच्चों की किताब, मिड डे मिल व अन्य चीजों पर काफी खर्च होता था। अब भाजपा सरकार ने सभी स्कूलों के बच्चों और अध्यापकों का रिकार्ड तैयार करवाया है। कहां कितने विद्यार्थी है और कितने अध्यापक। इस आधार पर अब अध्यापकों की स्कूल में व्यवस्था हो रही है, न कि सिफारिश के आधार पर। सारा रिकार्ड कंप्यूटर पर दर्ज है।
भवन बनवा दिए जांच को मशीन दी नहीं
वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार सिर्फ बातों तक सीमित थी। पीजीआई में सिर्फ भवनों का निर्माण कराया, जबकि मशीनों के बारे में सोचा ही नहीं। अब भाजपा ने केवल मशीनों के लिए पीजीआई को लगभग 125 करोड़ रुपये दिए हैं।
एचएम के निरीक्षणों का कांग्रेसी क्यों बना रहे मजाक
वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के निरीक्षण पर की जाने वाली टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस काल में किसी ने जांच करने से रोका था क्या। जब स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज स्वयं छत पर चढ़ कर पानी की टंकी जांच रहे हैं तो इसमें गलत क्या है। वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अब तक कांग्रेस के कौनसे स्वास्थ्य मंत्री जनता के लिए ऐसा करते थे।
आरक्षण जाटों का था या भूपेंद्र हुड्डा का : ग्रोवर
स्थानीय विधायक मनीष ग्रोवर ने जाट आरक्षण आंदोलन की हिंसा पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह आरक्षण जाटों का था या हुड्डा का। 1990 से लेकर डेढ़ साल पहले तक प्रदेश में कांग्रेस या इनेलो ने शासन किया। इस दौरान प्रदेश की जनता दुखी रही। भाजपा सरकार आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन भूपेंद्र हुड्डा को यह बात हजम नहीं हुई। उन्होंने आरक्षण की आग लगाकर लोगों के भाईचारे को समाप्त करने की कोशिश की। यह आरक्षण जाटों का नहीं, बल्कि भूपेंद्र हुड्डा का था और हुड्डा ही इसके षडयंत्रकारी हैं। अगर उनकी बात गलत हो तो भूपेंद्र हुड्डा उनके खिलाफ पर्चा दर्ज करवा दें। शहर में चुन-चुन कर दुकान जलाई गईं और लूटी गईं। कांग्रेस के पूर्व विधायक और राज्यसभा सदस्य के बोर्डों तक को नुकसान नहीं पहुंचाया गया, जबकि उनके बोर्डों और कार्यालय को भी नहीं छोड़ा गया।