दीपक ने बताया कि स्थानांतरण के कुछ दिन बाद ही उनकी बहन शिल्पी को पता चला कि राकेश नशे का आदी है। वह ड्रग्स भी लेता है। शिल्पी ने जब विरोध किया तो तो राकेश ने मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
कुछ दिनों बाद शिल्पी को पता चला कि राकेश के अन्य महिलाओं से भी संबंध हैं। शिल्पी ने जब मायके में यह बताया तो राकेश को समझाने की कोशिश की गई। आखिरकार आजिज आकर शिल्पी ने अपना तबादला झारखंड के रांची में करवा लिया।
4 सितंबर को तीज पर वह रांची से अपने दोनों बच्चों बेटे प्रीत (5), आठ माह की बेटी रीत और राकेश की भतीजी रचना के साथ बहादुरगढ़ आई। बकौल दीपक, शिल्पी ने उन्हें फोन करके बताया था कि उसको पति के कमरे में अन्य महिलाओं की आपत्तिजनक सामग्री मिली। पति से इस बारे में पूछा तो पीटना शुरू कर दिया और फोन भी छीन लिया।
भाई बोला-10 सितंबर को रांची लौटने की कही थी बात
दीपक ने बताया कि शुक्रवार 9 सितंबर को उसने शिल्पी को कई बार फोन किया लेकिन बात नहीं हो पाई। बहुत प्रयास के बाद राकेश ने थोड़ी देर ही बात करवाई। बातचीत में शिल्पी काफी डरी सहमी लगी। दीपक ने बताया कि शिल्पी ने कहा कि मैं शुक्रवार 10 तारीख को आ जाऊंगी।
रांची निवासी दीपक पुत्र दिनेश प्रसाद की शिकायत पर उनकी बहन शिल्पी सोनम की हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम करवा कर शव उनको सौंप दिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। - नर सिंह, एसएचओ, सेक्टर-6 बहादुरगढ़।