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Farmers Protest: किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च, फूंका पुतला; अनशन के 21वें दिन डल्लेवाल ने अमित शाह को घेरा

Tue, 17 Dec 2024 02:30 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, करनाल/रोहतक/हिसार।

सार

खनौरी बाॅर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन 21वें दिन में प्रवेश कर गया। बिगड़ती सेहत के बावजूद डल्लेवाल ने मंच से किसानों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला। 
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किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च
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विस्तार
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एमएसपी की कानूनी गारंटी व अन्य मांगों को लेकर दस महीने से शंभू व खनौरी बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों के समर्थन में सोमवार को हरियाणा के किसान संगठनों ने जिला मुख्यालयों में ट्रैक्टर मार्च निकाला। विभिन्न चौक व जगहों से शुरू होकर यह मार्च लघु सचिवालय पहुंचकर पूरा हुआ। वहां किसान संगठनों ने तहसीलदार, एसडीएम व अन्य अधिकारियों को प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की ओर से लिखा गया ज्ञापन सौंपा। वहीं, अंबाला में अंबाला में तो किसानों ने सरकार का पुतला फूंक नारेबाजी भी की। मार्च को लेकर सभी जगह पुलिस बल भी तैनात रहा, लेकिन कहीं भी अप्रिय घटना नहीं हुई।

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इसराना में इस मार्च में ओलंपियन व किसान मोर्चा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बजरंग पुनिया भी शामिल हुए। पूनिया ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों ने किसान और मजदूर को बर्बाद करने का काम किया है। लंबे समय से किसान व मजदूर अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। किसानों को उनका हक देने की बजाय ये सरकार उन पर लाठियां बरसा रही है। वे पूरी तरह से किसान व मजदूरों के संघर्ष में साथ खड़े हैं। दूसरी ओर, इनेलो के महासचिव अभय सिंह चौटाला, डबवाली से इनेलो विधायक आदित्य व रानियां से विधायक अर्जुन ने खनाैरी पहुंचकर डल्लेवाल को अपना समर्थन दिया।

अनशन के 21वें दिन डल्लेवाल ने अमित शाह को घेरा
खनौरी बाॅर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन 21वें दिन में प्रवेश कर गया। बिगड़ती सेहत के बावजूद डल्लेवाल ने मंच से किसानों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला। कहा, एमएसपी को लेकर संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को गलत जानकारी नहीं देनी चाहिए। शाह कह रहे हैं कि किसानों को साढ़े तीन गुणा एमएसपी से बढ़कर रेट दिए जा रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि साल 2014 से लेकर अब तक मोदी सरकार के राज में गेहूं के रेट में केवल 825 रुपये की वृद्धि की है। यह 56 फीसदी की वृद्धि है। इसके मुकाबले खेती लागत 56.53 फीसदी तक बढ़ गई है। डल्लेवाल ने कहा कि इससे साफ है कि किसानों को अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है। अगर केंद्र की ओर से किसानों को एमएसपी से ज्यादा दिया जा रहा है, तो फिर एमएसपी की कानूनी गारंटी देने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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कल तीन घंटे ट्रेंने रोकेंगे किसान
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी 18 दिसंबर को दोपहर बारह बजे से तीन बजे तक रेल का चक्का जाम करेगी। पंजाब के 18 जिलों में रेल मार्गों पर प्रदर्शन किया जाएगा जिससे दिल्ली जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है।
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