अपनी मांगों को लेकर किसानों के दिल्ली मार्च के दूसरे दिन भी पंजाब हरियाणा के बॉर्डरों पर तनाव की स्थिति रही। उधर, फिलहाल आंदोलन से सीधे तौर पर न जुड़े संगठनों की भी सक्रियता बढ़ने लगी है। सभी पुलिस प्रशासन की कार्रवाई की निंदा कर रहे हैं। मंगलवार को हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस छोड़ी तो किसानों ने भी पथराव किया। बुधवार को भी यही स्थिति रही। अब गुरुवार को शाम पांच बजे किसानों की केंद्र के साथ बातचीत होगी।
जालंधर में संयुक्त किसान मोर्चा ने गुरुवार को आपात बैठक की। इस वार्ता के दौरान कहा कि गुरुवार को पंजाब के सभी टोल सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक फ्री कर दिए जाएंगे और 16 फरवरी को भारत बंद की कॉल बुलाई गई है। संगठनों ने सरकार की किसानों को रोकने की कार्रवाई की निंदा की है।
भाकियू उगराहां कल रोकेगा ट्रेनें
भाकियू उगराहां ने किसान संगठनों के साथ एकजुटता दिखाने का फैसला लिया है। उगराहां यूनियन, गुरुवार को पंजाब में सात स्थानों पर रेलें रोककर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करेगी। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की लंबित मांगों को लेकर यूनियन, वीरवार को संगरूर, मानसा, बठिंडा, पटियाला, मोगा, गुरदासपुर में दोपहर बारह से चार बजे तक रेलें रोकेगी।
किसान आंदोलन को लेकर खाप पंचायतें गुरुवार लेंगी बड़ा फैसला
हरियाणा के जींद जिले की खाप पंचायतें गुरुवार को किसान आंदोलन को लेकर फैसला लेंगी। फिलहाल सभी खापों के प्रधान ने किसान आंदोलन का समर्थन किया है। आंदोलन में कूदने के लिए गुरुवार को जाट धर्मशाला में पंचायत बुलाई गई है। इसमें जाट धर्मार्थ सभा के विवाद को निपटाने तथा किसान आंदोलन को लेकर फैसला लिया जाएगा।
पुलिस ने किसानों के साथ ज्यादती की तो वह आंदोलन में कूदने के लिए मजबूर होंगे
माजरा खाप के प्रधान गुरविंदर सिंह संधु ने कहा कि वह किसानों के साथ हैं। सरकार को किसानों की मांग मानकर यह आंदोलन खत्म करवाना चाहिए। यदि पुलिस ने किसानों के साथ ज्यादती की तो वह आंदोलन में कूदने के लिए मजबूर होंगे। किसान देश का अन्नदाता है। उसकी मांग जायज है। यदि किसान संपन्न होगा तो पूरा देश संपन्न होगा। आज किसानों की आर्थिक हालत खराब होती जा रही है।
कंडेला खाप के प्रधान ओमप्रकाश कंडेला ने कहा कि किसानों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। हरियाणा पुलिस ने बॉर्डर को इस प्रकार सील कर दिया है जैसे यह भारत-पाकिस्तान की सीमा हो। यदि सरकार ने किसानों को प्रताड़ित करना बंद नहीं किया तो वह पंजाब के किसानों की मदद के लिए सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। 15 फरवरी को जाट धर्मशाला में बैठक होगी। उसमें फैसला लिया जाएगा कि जींद की खापें कैसे किसानों का सहयोग करेंगी।
राकेश टिकैत जो फैसला लेंगे उस पर अमल किया जाएगा
नौगामा खाप के प्रधान सुरेश बहबलपुर ने कहा कि खाप में संयुक्त किसान मोर्चा का प्रभाव है। इस बारे में राकेश टिकैत जो फैसला लेंगे उस पर अमल किया जाएगा। फिलहाल 16 फरवरी के भारत बंद का आह्वान है। उसी दिन फैसला लिया जाएगा कि किसान आंदोलन में क्या करना है। वैसे पंजाब के किसान उनके भाई हैं। उनकी मदद के लिए वह हर समय तैयार हैं। उनके लिए भोजन तथा अन्य सामान की व्यवस्था करवाई जाएगी।
गुरनाम चढूनी ने दिखाई सक्रियता, बुलाई आपात बैठक
इस बार किए जा रहे किसान आंदोलन को लेकर भले ही भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट से कोई संपर्क नहीं किया गया, जिसके चलते चढूनी गुट फिलहाल आंदोलन से दूरी बनाए रहा लेकिन बुधवार को चढूनी गुट में सक्रियता दिखाई दी और अध्यक्ष गुरनाम चढूनी ने प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी की आपात बैठक गुरुवार को अपने ही गांव के गुरुद्वारा साहिब में बुलाई है।
इस बैठक में किसान आंदोलन के पूरे हालात पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी, जिसके बाद कोई फैसला लिए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इससे पहले कोर कमेटी की आपात बैठक कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना के निवास स्थान पर संपन्न हुई।
जिसमें किसानों द्वारा दिल्ली कूच को लेकर चल रहे आंदोलन की मौजूदा स्थिति पर विचार विमर्श किया गया और कहा कि यूनियन किसानों का समर्थन करती है और सरकार द्वारा मंगलवार को किसानों को रोकने के लिए की गई कार्रवाई की निंदा की। चढूनी ने कहा कि आंदोलनरत किसान अपने ही देश के है किंतु सरकार दूसरे दुश्मन देश के सैनिकों की तरह उनके साथ व्यवहार कर रही है। सड़कों पर कील, दीवार व बैरिकेड लगाकर राइट टू फ्री मूवमेंट का अधिकार छीन रही है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम चढूनी व प्रवक्ता राकेश बैंस का कहना है कि भले ही उनके गुट से आंदोलन कर रहे किसान नेताओं ने अभी तक संपर्क नहीं किया है, लेकिन उनकी भावनाएं किसानों से जुड़ी है। वे सरकार से संयम बनाए रखने की अपील करते हैं। सरकार को किसानों की मांगों को मान लेना चाहिए।
आपात बैठक पर टिकी हर किसी की निगाहें
बता दें कि पहले किए गए आंदोलन में प्रदेश में मुख्य तौर पर किसानों द्वारा बैरिकेड तोड़ने का काम चढूनी की अगुवाई में ही किया गया था। ऐसे में हर किसान यूनियन से लेकर प्रशासन, सरकार व खुफिया एजेंसियों की निगाहें भी चढूनी व उनके पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं पर टिकीं हैै। उनसे लगातार संपर्क भी साधा जा रहा है। अब वीरवार को होने वाली बैठक पर सभी की निगाहें टिक गईं है। उधर, प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना का कहना है कि प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों से लेकर खुफिया कर्मी भी उनके पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ लगातार संपर्क साधे हुए हैं।
हिसार के सिसाय गांव में किसान जुटे
हिसार के सिसाय गांव में पंजाब के किसानों को मदद करने का फैसला लिया गया है। पंजाब के किसानों से बात करने के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। किसान और प्रशासन दोनों सतर्क हैं। वहीं, खनौरी बॉर्डर पर दूसरे दिन नाका तोड़ने के लिए किसान व प्रशासन के बीच में हुए संघर्ष में नारनौंद का किसान कक्का सिंह घायल हुआ। कक्का सिंह के पैर के अंगूठे में रबड़ की गोली लगी। उसे पास के ही अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
रोहतक में भारतीय किसान सभा व अखिल भारतीय किसान सभा ने दिया समर्थन
पुलिस ने रोहतक-जींद सीमा पर बुधवार को मॉकड्रिल करते हुए वाटर कैनन व आंसू गैस का अभ्यास किया। सीमा पर लगे बैरिकेड्स पर नुकीले तार लगा दिए गए। टिटौली में किसान सड़क पर इकट्ठा होना शुरू हुए तो पुलिस ने उन्हें सड़क से साइड होने की बात कही। वहीं किसान साथ लगते एक खेत में इकट्ठा होना शुरू हुए। पहले किसान मजदूर एकता यूनियन अकेले ही सड़क पर बैठी थी, लेकिन बुधवार को भारतीय किसान सभा व अखिल भारतीय किसान सभा ने भी अपना समर्थन देते हुए दिल्ली कूच करने की बात कही।
केंद्र सरकार सभी फसलों पर एमएसपी कानून बनाए : टेकराम कंडेला
हरियाणा के जींद में सर्वजातीय खाप के राष्ट्रीय संयोजक और भारतीय किसान मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष टेकराम कंडेला ने कहा कि केंद्र सरकार सभी फसलों के लिए एमएसपी कानून बनाए और डॉ. स्वामीनाथन की रिपोर्ट को लागू करे। किसानों के सभी कर्ज माफ किए जाएं। टेकराम कंडेला बुधवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि किसानों को शांतिपूर्ण आंदोलन करने से रोका जा रहा है। लोकतंत्र में आंदोलन करने का सबको अधिकार है। अगर किसानों के साथ किसी प्रकार का अन्याय होता है तो सर्वखाप उनके साथ है। इस बारे में सभी को एकजुट करने के लिए संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसान नेताओं से बातचीत करके सभी मांगें पूरी करनी चाहिए। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अभेराम कंडेला, किसान यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता छज्जूराम कंडेला, किसान यूनियन के प्रधान बेदू कंडेला, राम किशन, फकीरिया भी मौजूद रहे।