सांपला। जिन किसानों ने अगेती सब्जी की खेती करनी है, वह अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दें। लौकी (घीया), तोरी, टमाटर देश की प्रमुख सब्जियों में से एक है। मौसमी फसल के रूप में कम समय और अच्छे भाव लेने के उद्देश्य से किसानों का इन सब्जियों की ओर रुझान बढ़ने लगा है।
बागवानी विभाग ने किसानों को बेल वाली फसलों के लिए अभी से अपने खेतों की तैयारी करने का सुझाव दिया है। बताया गया है कि किसान बेल वाली फसल लौकी की नर्सरी फरवरी के अंत तक तैयार कर सकते हैं। खरीफ की फसल के लिए जून-जुलाई में बुआई की जा सकती है। बाजार से अच्छे भाव लेने के लिए लौकी की अगेती और पछेती खेती करना अधिक लाभदायक माना जाता है। (संवाद)
लौकी की नर्सरी करें तैयार
बागवानी विभाग का किसानों को सुझाव है कि किसान सब्जियों की खेती करने से पहले उसकी नर्सरी तैयार करें। नर्सरी से तैयार पौधे में लगभग सभी प्रकार के पोषक तत्व देकर एक अच्छा हाइब्रिड लौकी का बीज (पौधा) तैयार कर सकते हैं। नर्सरी का पौधा दो सप्ताह के बाद अंकुरित हो जाता है। पौधे पर चार पत्तियां आने के बाद उसे लगा दें। किसान पहले अपने खेत को अच्छी तरह से तैयार करें। बुआई के लिए नाली बना लें और एक मीटर बनी नाली में दोनों ओर से अंदर की ओर पौधों को लगाएं।
बांस व तार पर मिलेगा अनुदान
बागवानी विभाग की ओर से खेत में बांस व तार लगाकर सब्जियंा उत्पादन करने पर किसानों को अनुदान दिया जा रहा है। विभाग के खंड अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि बांस तार पर बेल वाली फसल लौकी (घीया), तोरी, टमाटर, करेला आदि खेती करने पर किसान को प्रति एकड़ 39,250 रुपये अनुदान के रूप में दिए जाते हैं। गत वर्ष करीब 90 हेक्टेयर में बांस विधि से फसल उगाई थी।
वर्जन-
बेल वाली घीया, तोरी, करेला आदि सब्जियां उगाने के लिए किसान अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दें। फरवरी में इनकी नर्सरी तैयार करें ताकि अगेती सब्जियां लगाने से अधिक लाभ ले सकते हैं। तार बांस पर सब्जियां लगाने पर विभाग की तरफ से किसान को अनुदान भी मिलेगा।
- डॉ. हवा सिंह, जिला उद्यान विकास अधिकारी, रोहतक।