रोहतक। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने वीरवार को मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने मत्स्य पालन के लिए नीलाम किए जाने वाले तालाबों की योजना में सरपंचों की भागीदारी के निर्देश भी दिए। गांव मायना व बालंद में नीलाम किए जाने वाले तालाबों के बारे में रिपोर्ट ली। उपायुक्त ने बताया कि जिले के 120 गांवों के 395 किसान मत्स्य पालन को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। जिले में किसान हर वर्ष खारे पानी में 5500 टन मछली बेच कर आजीविका कमा रहे हैं। इससे किसानों को एक हेक्टेयर में 10 लाख रुपये तक आय प्राप्त हो सकती है।
पिछले वर्ष 761 एकड़ में मत्स्य उत्पादन के मुकाबले इस वर्ष 45 एकड़ अधिक क्षेत्र में मत्स्य पालन हो रहा है। अनुसूचित जाति के किसानों को मत्स्य उत्पादन पर 8.40 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाता है। अन्य वर्गों के किसानों को 5.60 लाख का अनुदान प्रदान किया जाता है। इस दौरान उप कृषि निदेशक सुरेंद्र सिंह, जिला मत्स्य अधिकारी आशा हुड्डा, मंडल मृदा संरक्षण अधिकारी नीना सहवाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के एसडीओ डॉ. नरेंद्र दहिया व अन्य मौजूद रहे।